'हम हिंदुत्ववादी हैं....चरणदास नहीं' , अटल-आडवाणी का नाम लेकर शिवसेना ने बीजेपी पर यूं निकाली भड़ास
पुणे, 23 अगस्त: बीएमसी चुनाव के नजदीक आते देख शिवसेना ने महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ अपना पूरा जोर लगा दिया है। पार्टी मानकर चल रही है कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुट के विधायकों ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व के खिलाफ बगावत किया तो उसके पीछे बीजेपी का ही हाथ है। उद्धव गुट को लगता है कि अगर भाजपा और शिंदे गुट वाली शिवसेना ने बीएमसी चुनाव में मिलकर लड़ा तो उसके लिए राह आसान नहीं रहने वाली है। क्योंकि, शिवेसना का काफी समय से देश के इस सबसे अमीर निगम पर कब्जा है और वह किसी भी कीमत पर इसे हाथ से जाने नहीं देना चाहती। यही वजह है कि आज अपने मुखपत्र 'सामना' के जरिए पार्टी ने बीजेपी और उसके नेता उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली है।

क्या मोदी लहर कम होना शुरू हो गया है?- शिवसेना
शिवसेना ने मंगलवार को अपने मुखपत्र 'सामना' के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी और उसके मौजूदा नेतृत्व के खिलाफ खूब भड़ास निकाली है। पार्टी ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे के सपनों को पूरा करने के दावे को बीएमसी चुनाव में मराठी एकता को तोड़ने की साजिश बताया है। 'सामना' के संपादकीय में लिखा गया है, 'आप बालासाहेब के नाम पर वोट क्यों मान रहे हैं? क्या आपका मोदी युग, मोदी लहर कम होना शुरू हो गया है?' 'सामना' में फिर से मौजूदा बीजेपी नेताओं पर उसके साथ धोखेबाजी करने का आरोप लगाया गया है।

डिप्टी सीएम फडणवीस की लोमड़ी से तुलना की
शिवसेना ने कहा है कि बीजेपी में देवेंद्र फडणवीस जैसे नेता अब बालासाहेब के सपने को पूरा करने की बात कर रहे हैं, लेकिन 2014 में पार्टी के साथ गठबंधन 'तोड़ते' वक्त शिवसेना सुप्रीमो को याद नहीं रखा था। यही नहीं 'सामना' में लिखा है कि 2019 में मुख्यमंत्री के पद पर कथित तौर पर 'पीछे' हटते वक्त भी उन्हें बालासाहेब का सपना याद नहीं था। मराठी अखबार में फडणवीस पर तीखा हमला करते हुए कहा गया है, 'फडणवीस के शब्द तो एक धोखेबाज लोमड़ी के निमंत्रण की तरह है और मुंबई और ठाणे के लोगों को इससे सावधान रहना चाहिए।' पार्टी ने दावा किया है कि 'बीजेपी की ओर से बालासाहेब के सपने जैसी भाषा का इस्तेमाल मुंबई में मराठी एकता को तोड़ने की साजिश के अलावा कुछ नहीं है, बल्कि इसके लिए वह शिवसेना को नुकसान पहुंचा रहे हैं।'

आज की भारतीय जनता पार्टी 'असली बीजेपी नहीं है'- सामना
उद्धव ठाकरे की पार्टी के अखबार ने भाजपा के खिलाफ यहां तक कहा है कि जो लोग लालकृष्ण आडवाणी, अटल बिहारी वाजपेयी को भूल चुके हैं, क्या वह बालासाहेब के सपनों को पूरा करेंगे ? अखबार में दावा किया गया है कि आज की भारतीय जनता पार्टी 'असली बीजेपी नहीं है'। इसके मुताबिक, 'वाजपेयी की बीजेपी वादा निभाने वाली थी, लेकिन यह अब नहीं है और इसलिए हमने ऐसी बीजेपी को छोड़ दिया है और 'हिंदुत्व' का दूसरा रास्ता अपनाया है।'

'हम हिंदुत्ववादी हैं....चरणदास नहीं'
शिवसेना ने अपने मुखपत्र के जरिए दावा किया है कि, 'हमारा राजनीतिक स्टैंड अभी भी वही है। हम हिंदुत्ववादी हैं, लेकिन हम बीजेपी के गुलाम नहीं हैं। हम महाराष्ट्र के ईमानदार सेवक हैं, दिल्ली के चरणदास नहीं हैं।' शिवसेना की नाराजगी फडणवीस की ओर से बालासाहेब का लगातार नाम लिए जाने से लग रहा है। 'सामना' ने अपने संपादकीय में लिखा है, 'वह कह रहे हैं कि बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनावों में हमें वोट दीजिए और हम (भाजपा) बालासाहेब का सपना पूरा करेंगे। यह क्या छलावा है? बालासाहेब का कौन सा सपना आप पूरा करने जा रहे हैं?' 'आपका सपना शिवसेना में विभाजन पैदा करना है, क्या यह बालासाहेब का सपना था?'

बीएमसी चुनाव की वजह से शिवसेना हुई भाजपा पर हमलावर
दरअसल, महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी सरकार गिरने के बाद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना और भाजपा गठबंधन के साथ उद्धव की अगुवाई वाली शिवसेना के बीच पहला बड़ा मुकाबला बीएमसी चुनाव है, जो ठाकरे परिवार की अगुवाई वाली पार्टी के लिए सियासी तौर पर जीने-मरने का प्रश्न रहता है। यही वजह है कि लगातार भाजपा नेताओं की ओर से बाल ठाकरे का नाम लेना उद्धव गुट के लिए बर्दाश्त से बाहर हो रहा है। उद्धव की अगुवाई वाली शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी की सरकार जून के आखिर में शिंदे और 39 बाकी शिवसेना विधायकों के बगावत की वजह से गिर गई थी। उसके बाद शिंदे की अगुवाई में उनके गुट और बीजेपी गठबंधन की सरकार बनी है।












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