'शिंदे सरकार के मुंह पर तमाचा है सुप्रीम कोर्ट का फैसला, देना चाहिए इस्तीफा', बोलीं सांसद प्रियंका चतुर्वेदी
सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर उद्धव सेना की सांसद प्रियंका ने किया कटाक्ष करते हुए कहा कि ये शिंदे सरकार के मुंह पर तमाचा है। उन्हें तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।

Uddhav vs Shinde Supreme Court verdict: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को महाराष्ट्र में पिछले एक साल से चल रही उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे के बीच की लड़ाई को एक नया अंजाम दे दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में चल रही राजनीतिक संकट पर अपना फैसला सुना दिया है। देश की सर्वोच्च न्यायालय ने जो फैसला सुनाया उस पर उद्धव गुट की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी और संजय राउत ने एकनाथ शिंदे सरकार पर कटाक्ष करते हुए प्रतिक्रिया दी है।
सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को शिंदे सरकार के मुंह पर करारा तमाचा बताया और इसके साथ उन्होंने कहा कि एकनाथ शिंदे को इस्तीफा दे देना चाहिए। याद रहे शीर्ष अदालत ने शिंदे सरकार को सत्ता में लाने वाले फ्लोर टेस्ट को अवैध करार दिया है। उद्धव सेना की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्वीट करते हुए ये बात लिखी।
प्रियंका चतुर्वेदी ने लिखा सुप्रीम कोर्ट का निर्णय अक्षरश: ये नहीं कह रहा कि महाराष्ट्र सरकार असंवैधानिक है या गैरकानूनीहै! लेकिन राज्यपाल द्वारा फ्लोर टेस्ट करवाया जाना असंवैधानिक था और सीएम को उनके अवैध गुट से तय करने वाला एक अवैध व्हिप है।
अवैध कैबिनेट के मुंह पर तमाचा है
इसके साथ ही प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा राज्यपाल के आदेश पर किए गए एक अवैध व्हिप के आधार पर शिंदे फडणवीस की पूरी सरकार एक पक्षपाती आधार पर तय की गई थी कि किसे वोट देना है और एक विश्वास मत है। उन्होंने कहा सुप्रीम कोर्ट का आदेश इस अवैध कैबिनेट के मुंह पर तमाचा है।
संजय राउत ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर क्या कहा
वहीं सांसद राहत ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कहा देश की सर्वोच्च न्यायलय में कहा कि शिंदे गुट का व्हिप गैरकानूनी है। इसका तात्पर्य है कि उनका व्हिप गैरकानूनी है और व्हिप इसके अनुसार सबकी (शिंदे गुट) सदस्यता निरस्त हो जाएगी। संजस राउत ने सीधे कहा कि शिंदे सरकार गैरकानूनी है और संविधान के खिलाफ बनाई गई है।
जानें सुप्रीम कोर्ट ने क्या दिया है आदेश
बता दें सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को Uddhav vs Shinde केस पर सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया कि उद्धव ठाकरे को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में बहाल नहीं किया जा सकता है क्योंकि उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया था, लेकिन महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार को गिराने वाला फ्लोर टेस्ट भी कानूनी नहीं था।












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