तहव्वुर राणा को लेकर संजय राउत ने की बड़ी भविष्यवाणी, बिहार चुनाव से जुड़ा है मामला
Tahawwur Rana: 26/11 मुंबई आंतकी हमले के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा को अमेरिका से भारत 10 अप्रैल 2025 को लाया जा चुका है। वर्ष 2008 में मुंबई में बेगुहनाओं को मौत के घाट पर उतारने वाले गुनहगार तहव्वुर राणा को पुख्ता सबूतों के आधार पर भारत लाने में सफलता मिली है।
तहव्वुर राणा को भारत लाए जाने के बाद उसे तुरंत फांसी दिए जाने की मांग उठ रही है। लोग जानना चाह रहे है कि आतंकी तहव्वुर राणा को आखिर कब फांसी के फंदे पर लटकाया जाएगा? इन सवालों के बीच शिवसेना यूबीटी के राज्यसभा सासंद संजय राउत ने तहव्वुर राणा को लेकर बड़ा दावा कर दिया है।

शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने तहव्वुर राणा को तुरंत फांसी की मांग की है लेकिन इसके साथ ही उन्होंने चौंकाने वाला दावा किया है। संजय राउत ने दावा किया कि 26/11 मुंबई हमलों के मुख्य आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा को बिहार चुनाव से पहले फांसी नहीं दी जाएगी। बिहार चुनाव के बाद तहव्वुर राणा को फांसी दी जाएगी। याद रहे बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 अक्टूबर-नवंबर माह में हो सकते हैं।
संजय राउत ने कांग्रेस का भी जिक्र
उद्धव ठाकरे गुट के नेता संजय राउत ने कहा तहव्वुर राणा को भारत प्रत्यर्पित करने की कोशिश 16 साल से चल रही है, जिसकी शुरुआत कांग्रेस शासन के दौरान हुई थी। उन्होंने कहा "तहव्वुर राणा को भारत लाने की लड़ाई 16 साल से चल रही है और इसकी शुरुआत कांग्रेस के शासन में हुई थी। इसलिए किसी को भी राणा को वापस लाने का श्रेय नहीं लेना चाहिए।"
संजय राउत ने अबू सलेम का क्यों किया जिक्र?
इसके अलावा, शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा कि राणा का मामला अकेला नहीं है। 1993 के बॉम्बे बम धमाकों के दोषी अबू सलेम के प्रत्यर्पण कर भारत लाया जा चुका है। उन्होंने अबू सलेम का उदाहरण देते हुए कहा कि इससे पहले कथित अपराधियों को मुकदमे में लाने के लिए भारत में प्रयास हो चुके हैं।
"हाई-प्रोफाइल भगोड़ों को भारत लाया जाए"
संजय राउत ने कहा इसके अलावा संजय राउत ने नीरव मोदी और मेहुल चोकसी को भारत वापस लाने का आग्रह भी शामिल है। राउत ने हाई-प्रोफाइल भगोड़ों के संबंध में जवाबदेही और प्रत्यावर्तन के लिए आह्वान किया।
भारत लाए जाने के बाद तहव्वुर राणा के साथ क्या हुआ?
गौरतलब है कि एनआईए को मुंबई हमले के आरोपी तहव्वुर राणा की 18 दिन की रिमांड कोर्ट से मिल चुकी है। गुरुवार शाम लगभग साढ़े छह बजे तहव्वुर राणा को भारत लाया गया इसके बाद उसका कानूनी प्रक्रिया के तहत उसका मेडिकल चेकअप हुआ। दिल्ली पटियाला हाउस कोर्ट में उसे देर रात पेश किया गया और एनआईए की ओर से सीनियर एडवोकेट दयान कृष्णन ने राणा के खिलाफ कोर्ट में सबूत पेश किए गए। जिसके आधार पर कोर्ट ने उसे 18 दिन की रिमांड पर भेजा
कौन है तहव्वुर राणा?
तहव्वुर राणा की उम्र 64 साल है। उसका जन्म पाकिस्तान में हुआ लेकिन नागरिकता कनाडा की है। 2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमलों की साजिश रचने वाले डेविड कोलमैन हेडली उर्फ दाऊद गिलानी का तहव्वुर राणा प्रमुख सहयोगी है। हेडली के पास अमेरिकी नागरिकता है।
तहव्वुर राणा को अथक प्रयास के बाद अमेरिका से प्रत्यर्पण कर भारत लाने में सफलता मिली है क्योंकि इससे पहले राणा को भारत सौंपे जाने के आवेदन को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट खारिज कर चुका था लेकिन पीएम मोदी के अमेरिका दौरे के दौरान अमेरिका ने राणा के प्रत्यर्पण की हामी भरी। ये मोदी सरकार की बड़ी कूटनीतिक सफलता है।












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