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Sunetra Pawar बनेंगी उपमुख्यमंत्री! शरद पवार बोले- डिप्टी CM को लेकर जानकारी नहीं, NCP में मतभेद बरकरार?

Sharad Pawar on Sunetra Pawar Oath: महाराष्ट्र की राजनीति एक संवेदनशील दौर से गुजर रही है। उपमुख्यमंत्री अजित पवार की दुखद मौत के बाद वहीं सत्ता और पार्टी की राजनीति को लेकर बड़े फैसले भी तेजी से सामने आ रहे हैं। आज 31 जनवरी को NCP विधायक दल की बैठक में सुनेत्रा पवार नेता चुनी गईं हैं। आज ही शाम 5 डिप्टी CM पद की शपथ लेंगी।

इसी बीच अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ को लेकर एनसीपी (शरदचंद्र पवार) प्रमुख शरद पवार का बयान सियासी गलियारों में चर्चा का केंद्र बन गया है।

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शरद पवार ने साफ शब्दों में कहा है कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रही हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस संबंध में फैसला पूरी तरह एनसीपी का होगा, न कि उनका व्यक्तिगत।

Sharad Pawar on Sunetra Pawar Oath: शरद पवार ने क्या कहा?

सुनेत्रा पवार के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बीच शरद पवार ने कहा, मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है कि सुनेत्रा पवार शपथ लेने जा रही हैं या नहीं। यह फैसला उनकी पार्टी को करना है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब यह लगभग तय माना जा रहा है कि सुनेत्रा पवार शनिवार, 31 जनवरी को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगी और महाराष्ट्र की पहली महिला डिप्टी सीएम बनेंगी। शरद पवार के बयान को कई राजनीतिक विश्लेषक एनसीपी के भीतर अब भी मौजूद खींचतान और दूरी के संकेत के तौर पर देख रहे हैं।

NCP Merger Talks: चार महीने से चल रही थी एनसीपी विलय की बातचीत

शरद पवार ने इस मौके पर एनसीपी के दोनों गुटों एनसीपी (शरद पवार) और एनसीपी (अजित पवार) के संभावित विलय को लेकर भी बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि पिछले चार महीनों से पार्टी के दोनों धड़ों के बीच विलय को लेकर बातचीत चल रही थी।

शरद पवार के अनुसार, अजित पवार की यह राय थी कि एनसीपी का विलय 12 फरवरी तक हो जाना चाहिए। उन्होंने कहा,हमारी अब भी यही इच्छा है कि पार्टी के दोनों पक्ष एक साथ आएं। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि अजित पवार के निधन के बाद इन सभी बातचीतों को फिलहाल रोक दिया गया है।

जयंत पाटिल और अजित पवार के बीच होती थी बातचीत

एनसीपी के संस्थापक शरद पवार ने स्वीकार किया कि वे खुद इन विलय वार्ताओं में सक्रिय रूप से शामिल नहीं थे। यह बातचीत मुख्य रूप से उनके गुट के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल और अजित पवार के बीच चल रही थी। लेकिन विमान हादसे में अजित पवार की मौत के बाद यह पूरी प्रक्रिया ठहर गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि शरद पवार का यह बयान इस बात का संकेत है कि एनसीपी के दोनों गुटों के बीच रिश्ते पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं और पार्टी की भविष्य की दिशा अभी भी स्पष्ट नहीं है।

सुनेत्रा पवार संभालेंगी जिम्मेदारी

एनसीपी नेताओं के मुताबिक, अजित पवार के निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार राजनीतिक जिम्मेदारी संभालने जा रही हैं। सुनेत्रा पवार वर्तमान में राज्यसभा सांसद हैं और पार्टी के भीतर उनकी स्वीकार्यता मजबूत मानी जा रही है। 31 जनवरी को दोपहर 2 बजे मुंबई के विधान भवन में एनसीपी के 40 विधायक बैठकों की बैठक हुई जहां सुनेत्रा पवार को विधायक दल का नेता चुना गया।

इस बैठक में सुनेत्रा पवार को एनसीपी विधायक दल का नेता चुना जा सकता है। इसके बाद शाम 5 बजे लोक भवन में एक सादे समारोह में उन्हें महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी। अगर ऐसा होता है, तो सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बन जाएंगी।

महायुति का पूरा समर्थन

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि महायुति गठबंधन एनसीपी के फैसले के साथ खड़ा रहेगा। फडणवीस ने कहा,डिप्टी सीएम पद को भरने का फैसला एनसीपी को लेना है। पार्टी जो भी निर्णय लेगी, महायुति उसका समर्थन करेगी। इस कठिन समय में हम अजित पवार के परिवार और एनसीपी के साथ हैं।

बड़ा सवाल, एनसीपी में मतभेद अभी खत्म नहीं हुए?

सुनेत्रा पवार के शपथग्रहण से पहले शरद पवार का यह कहना कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है और यह फैसला पार्टी को करना है, इस बात की ओर इशारा करता है कि एनसीपी के भीतर मतभेद पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। साथ ही विलय वार्ता के रुकने से यह साफ है कि पार्टी की एकजुटता पर अभी भी सवाल बने हुए हैं।

अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि सुनेत्रा पवार उपमुख्यमंत्री बनने के बाद किस तरह अपनी राजनीतिक भूमिका निभाती हैं और क्या आने वाले समय में एनसीपी के दोनों गुट फिर से एकजुट होने की दिशा में आगे बढ़ते हैं या नहीं। फिलहाल, महाराष्ट्र की राजनीति शोक, संवेदना और बड़े राजनीतिक फैसलों के मोड़ पर खड़ी है।

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