मोदी कैबिनेट विस्तार पर संजय राउंत ने कसा तंज, रविशंकर प्रसाद को लिया निशाने पर
मुंबई, जुलाई 08: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में हालिया फेरबदल पर शिवसेना सांसद संजय राउत ने आज तंज कसा है। पीएम मोदी द्वारा हाल ही किए गए फेरबदल के चलते रविशंकर प्रसाद, प्रकाश जावड़ेकर जैसे मंत्रियों के हटा दिया गया था। राउत ने कहा, रविशंकर प्रसाद हमेशा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यों को मास्टरस्ट्रोक बताते हुए शेखी बघारते थे। हालांकि, इस बार इस 'मास्टरस्ट्रोक' ने उन पर पलटवार किया है।

शिवसेना सांसद ने कहा कि प्रकाश जावड़ेकर और थावरचंद गहलोत जैसे अन्य अनुभवी मंत्रियों को पद से हटाया जाना और नए चेहरों को शामिल किए जाने से साफ होते है कि, उन्होंने योग्यता के आधार पर काम पर रखा होगा। महाराष्ट्र से भाजपा के चार नेताओं को बुधवार को मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे को कैबिनेट मंत्री बनाया गया और कपिल पाटिल, डॉ भागवत कराड और भारती पवार को राज्य मंत्री के रूप में शामिल किया गया।
राउत ने कहा, महाराष्ट्र के चार मंत्रियों को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। मूल रूप से, वे शिवसेना और राकांपा के सदस्य थे। इसलिए, भाजपा को शिवसेना और राकांपा का आभार जताना चाहिए जिन्होंने केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल करने के लिए अच्छे मानव संसाधन उपलब्ध कराए। वे अच्छा काम करेंगे और भारत और महाराष्ट्र की प्रगति में योगदान देंगे।शिवसेना के आलोचक कहे नारायण राणे पर संजय राउत ने तंज कसा।
राउत ने कहा कि, मंत्री का पद अन्य दलों पर हमला करने के लिए नहीं दिया जाता है। यदि मंत्री पद देने के पीछे यही उद्देश्य है तो मंत्री पद की गरिमा क्या रह गई है? देश और देश के नागरिकों की सेवा के लिए एक मंत्री पद दिया जाता है। मोदी जी ने अगर किसी को मंत्री पद दिया होता तो उस व्यक्ति के गुण और योगदान को जरूर देखा होगा। राउत ने कहा, ''राणे मुख्यमंत्री रह चुके हैं और पहले अहम मंत्रालयों को संभाल चुके हैं। एमएसएमई मंत्रालय में उनके सामने लघु और मध्यम उद्योगों को दोबारा जीवित करने की चुनौती है, जिसे कोरोना महामारी ने ध्वस कर दिया है, साथ ही रोजगार उत्पन्न करने की भी चुनौती है।












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