राज ठाकरे ने उद्धव ठाकरे से गठबंधन के लिए बढ़ाया हाथ, शिवसेना यूबीटी प्रमुख ने रख दी ये शर्त
Maharashtra Politics: बीएमसी चुनावों से पहले उद्धव ठाकरे के साथ संभावित गठबंधन के बारे में राज ठाकरे के एक बयान ने महाराष्ट्र के राजनीतिक में हलचल मचा दी है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के प्रमुख राज ठाकरे ने चचेरे भाई शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे को फिर साथ आने के लिए हाथ बढ़ाया है लेकिन शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शर्त रख दी है।
दरअसल, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने कहा मराठी लोगों के लिए वो सारी पुरानी बातें भुलाकर कर उद्धव ठाकरे के साथ आने को तैयार हैं। राज ठाकरे ने कहा महाराष्ट्र के हितों को प्राथमिकता देने के लिए छोटी-मोटी असहमतियों को नज़रअंदाज़ करने के लिए तैयार हैं।

राज ठाकरे के प्रस्ताव के जवाब में उद्धव ठाकरे ने एक शर्त रखी है। उन्होंने शिवसेना द्वारा दुश्मन माने जाने वाले लोगों के साथ आतिथ्य या करीबी संबंध नहीं बनाने पर जोर दिया, और इन शर्तों के आधार पर सशर्त बातचीत का सुझाव दिया।उद्धव ठाकरे ने कहा हम भाई हैं, हमारे बीच कोई गिले शिकवे नहीं हैं अगर कोई शिकवा है तो उसे मिटा दूंगा लेकिन जिसे हम महाराष्ट्र का दुश्मन मानते हैं, शिवसेना का दुश्मन मानते हैं, उसको आप अपने घर में जगह मत देना, उसे साथ खाने-पीने मत बैठ जाना, यदि ये आप को मंजूर है तो हम जरूर बात करेंगे।
उद्धव ठाकरे ने रख दी ये शर्त
उद्वव ठाकरे ने कहा "हम भाई हैं, हमारे बीच कोई गिल-शिकवे नहीं हैं अगर कोई है तो उसे मैं मिटा दूंगा, लेकिन जिसे हम महाराष्ट्र के दुश्मन मानते हैं, शिवसेना का दुश्मन मानते हैं,उसको आप अपने घर में जगह मत देना। उनके साथ खाने-पीने मत बैठना। अगर ये आपको मंजूर है तो हम अवश्य बात करेंगे।
संजय राउत ने भी रख दी ये शर्त
वहीं राज ठाकरे के उद्धव ठाकरे के साथ एकजुट होने की इच्छा पर संजय राउत की प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने शर्त रख दी है। संजय राउत ने कहा "हम उन्हें अपने घर में जगह नहीं देंगे, न ही उनसे बात करेंगे और न ही उनके साथ पानी पिएंगे। महाराष्ट्र के स्वाभिमान के लिए यह हमारा रुख है। इससे ज़्यादा कुछ नहीं होता, हमें सत्ता नहीं मिलती, न ही आने दें। हम अपने स्वाभिमान के साथ समझौता नहीं करेंगे। हमारी बस यही मांग है कि आप उनसे किसी भी तरह का रिश्ता नहीं रखेंगे, तभी हम आपसे बात करेंगे।"
'आत्मसम्मान से कोई समझौता नहीं'
राउत ने कहा "हम ऐसे लोगों को अपने घर में जगह नहीं देंगे, न ही उनसे बातचीत करेंगे और न ही उनके साथ खाना खाएंगे; महाराष्ट्र के आत्मसम्मान की रक्षा में यही हमारी भूमिका है। ज़्यादा से ज़्यादा यही हो सकता है कि हमें सत्ता न मिले, तो भी कोई बात नहीं। हम अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं करेंगे।"












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