महाराष्ट्र में जन्माष्टमी पर नहीं होगा दही हांडी कार्यक्रम, सीएम ठाकरे बोले- स्वास्थ्य है सर्वोपरि
मुबई, 23 अगस्त। महाराष्ट्र में हर बार धूमधाम मनाए जाने वाले जन्माष्टमी पर्व पर इस वर्ष कोविड के चलते दही हांडी का प्रोग्राम नहीं होगा। महाराष्ट्र सीएम उद्धव ठाकरे ने अपील की है कि प्रदेश के निवसी मानवीय आधार पर लोगों की हेल्थ को वरीयता दें और कुछ समय के लिए इन त्योहारी कार्यक्रमों से दूरी बनाए रखे।सीएम ठाकरे ने इससे संबंधित एक बैठक में कहा कि कोरोना महामारी में लोग रोजी-रोटी और अजीविका के लिए संघर्ष कर रहे हैं। महामारी के चलते लोग अभी भी आजीविका के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

वहीं महाराष्ट्र में मंडल और गोविंदा समूहों ने राज्य सरकार से गुजारिश की थी कि छोटे पैमाने पर ही सही दही हांडी कार्यक्रम के लिए परमीशन दे दी जाए क्योंकि समूहों ने प्रैक्टिस पहले से ही शुरू कर दी है। लेकिन सरकार ने अब इसका आयोजन करने पर रोक लगा दी है। सरकार ने कहा लोगों का स्वास्थ्य अधिक महत्पूर्व है।
सीएमओ द्वारा जारी की गई सूचना में कहा गया कि दही हांडी समन्वय समिति की बैठक में, महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने दही मंडलों से उत्सव मनाने और COVID के प्रति संवेदनशील होने के बजाय सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों की पहल करने का अनुरोध किया। मंडल ने सीएम की अपील पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
बता दें पिछले हफ्ते महाराष्ट्र सरकार के मंत्री आदित्य ठाकरे ने एक बैठक की थी और दही हांडी को-ऑर्डिनेशन कमेटी ने कहा था कि वे लोग दही हांडी के लिए तीन से चार स्तरीय पिरामिड ही बनाएंगे और पूर्ण टीकाकरण करा चुके लोग ही कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। मिड डे अखबार में सूत्रों के हवाले से प्रकाशित खबर में कहा गया कि अगर गणेश उत्सव को छोटे पैमाने पर आयोजित किया जा सकता है, तो दही हांडी कार्यक्रम के लिए सरकार को परमिशन देनी चाहिए।
बीजेपी विधायक राम कदम ने कि हम जनमाष्टमी पर दही हांडी कार्यक्रम आयोजित करेंगे लेकिन सरकार द्वारा जारी नियमों के अनुसार ही मनाएंगे।












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