Sharad pawar resigns: शरद पवार का इस्तीफा मजबूरी या नई रणनीति? लग रहे हैं ये कयास
मुंबई में मंगलवार को अपनी किताब के विमोचन कार्यक्रम खत्म होने के ठीक पहले शरद पवार ने अचानक अपने इस्तीफे का ऐलान कर दिया।

महाराष्ट्र की राजनीति में मंगलवार को उस समय बड़ी हलचल मच गई, जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार ने पार्टी चीफ का पद छोड़ने का ऐलान कर दिया। जिसके बाद माना जा रहा है कि पार्टी की कमान अजित पवार के हाथ में आ सकती है।
शरद पवार के इस्तीफे की घोषणा ऐसे समय हो रही है जब महाराष्ट्र की राजनीति में हर दिन नई अटकलें सामने आ रही है। लगातार ऐसी खबरें आ रही है कि, अजित पवार पार्टी में बगावत कर सकते हैं।
ऐसा माना जा रहा है कि, शरद पवार के पद छोड़ने के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं। शरद पवार के इस्तीफे का कारण फिलहाल स्वास्थ्य और उनकी उम्र बताई जा रही है। लेकिन अटकलों का बाजार गर्म है।

अजीत पवार की बगावत:
राजनीतिक गलियारों में शरद पवार के इस्तीफे के पीछे की वजह अजीत पवार के बगावत की अटकलों को भी माना जा रहा है। काफी समय से मीडिया में इस बात को लेकर चर्चा हो रही है कि अजित पवार 40 विधायकों के साथ बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बना सकते हैं।
राजनीतिक पंडितों का मानना है कि इसी टूट से पार्टी को बचाने के लिए शरद पवार ने पार्टी के अध्यक्ष पद से हटने का फैसला किया है। इस्तीफे के बाद पार्टी के कई बड़े नेता जहां सकते हैं। तो वहीं पार्टी फूट की संभवानाएं तेज होती दिख रही है।
निर्दलीय विधायक रवि राणा ने पवार के इस्तीफे के बाद कहा है कि, आज पार्टी टिकी है तो वो पवार साहब के कारण ही है, उनके इस्तीफा देने के बाद पार्टी में दरार आ जाएगी.. हालांकि, शरद पवार देश के बड़े नेता हैं और वो हर फैसला काफी सोचकर लेते हैं।

इस्तीफा कहीं प्रेशर पॉलिटिक्स का हिस्सा तो नहीं?
महाराष्ट्र की राजनीति के चाणक्य माने जाने वाले शरद पवार के मन की बात को कोई नहीं समझ सकता है। कुछ लोग पवार के इस्तीफों को उनकी प्रेशर पॉलिटिक्स का हिस्सा मान रहे हैं। हो सकता है कि, लगातार पार्टी के अंदर से आ रही टूट की संभवानाओं के दबाने के लिए शरद पवार ने इस कदम को उठाया हो।
ऐसा माना जा रहा है कि, इस्तीफे के बाद पार्टी में बगावत करने की सोच रहे विधायकों में शरद पवार के लिए फिर से सहनभूति जाग जाए और वह पावर को फिर से एनसीपी चीफ के लिए मानने में जुट जाएं। जिसके बाद पवार कार्यकर्ताओं की मर्जी को बताकर पार्टी की कमान संभाल लें।

एकनाथ शिंदे को हटाने की तैयारी:
अजीत पवार की 2019 में विधानसभा चुनाव के बाद देवेंद्र फडणवीस के साथ मिलकर सरकार बना चुके हैं। अजीत पवार का झुकाव बीजेपी की तरफ रहा है।ऐसे में लगातार खबरें आ रही है कि, अजीत पवार बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बना सकते हैं।
महाराष्ट्र के सियासी जानकार इस बात के लगातार सकेंत दे रहे हैं कि, जल्द राज्य की राजनीति में बदलाव हो सकता है। शिवसेना तोड़कर अलग गुट बनाने वाले एकनाथ शिंदे को बीजेपी साइड में करके अजीत पवार के साथ सत्ता में वापसी कर सकती है। बता दें कि सोमवार को आदित्य ठाकरे ने कहा था कि, महाराष्ट्र की सरकार कुछ दिनों की बची है। जल्द ही सरकार गिर जाएगी।












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