समीर वानखेड़े के खिलाफ सीबीआईटी पहुंचे नवाब मलिक, बार लाइसेंस होने का आरोप
मुंबई, 3 जनवरी: महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक ने एनसीबी अधिकारी समीर वानखेड़े के खिलाफ कुछ और गंभीर आरोप लगाए हैं। नवाब मलिक ने कहा है कि गैर कानूनी तरीके से वानखेड़े ने बार चलाने का लाइसेंस लिया हुआ है और वो इस काम में शामिल हैं। इसको लेकर एनसीपी नेता मलिक ने केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईटी) के विजिलेंस डिपार्टमेंट को चिट्ठी भेजते हुए अपनी शिकायत दर्ज कराई है।

नवाब मलिक ने सीबीआईटी को भेजी अपनी शिकायत में कहा है कि समीर वानखेड़े के पास 29 अक्टूबर 1997 से परमिट रूम और बार लाइसेंस है। जो अभी भी उनके नाम पर बरकरार है। अपने शिकायती पत्र में मलिक ने सवाल किया है कि क्या केंद्र सरकार का कर्मचारी अपने नाम पर परमिट रूम और बार लाइसेंस रखने और संचालित करने के लिए पात्र है? वानखेड़े के मामले में प्रशासनिक कदाचार हुआ है, इस पर ध्यान दें और मामले की उचित जांच कराएं।
वानखेड़े पर कई गंभीर आरोप
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अफसर समीर वानखेड़े पर नवाब मलिक बीते कुछ समय में कई गंभीर आरोप लगा चुके हैं। इसमें मुंबई में एनसीबी के नाम पर अमीर लोगों से उगाही करना और फर्जी कास्ट और रिलीजन सर्टिफिकेट के सहारे नौकरी हासिल करने जैसे आरोप शामिल हैं। जिनके कई सबूत भी अलग-अलग मौकों पर नवाब मलिक की ओर से पेश किए गए हैं।
रविवार को ही नवाब मलिक ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेन्स में कहा था कि एनसीबी अफसर बैकडेट में पंच और पंचनामा बदलती है। उन्होंने इसके सबूत में दो ऑडियो क्लिप जारी किए जिसमें पंच बदलने से संबंधित बातचीत रिकॉर्ड होने का दावा किया गया है। उनका कहना है कि पिछले एक-डेढ़ साल में इसी तरह से पंच बदल कर फर्जीवाड़ा करते हुए एनसीबी ने मुंबई में फर्जी मामले बनाये गए और कई लोगों से करोड़ों की उगाही की है।












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