नागपुर दंगे में हुए नुकसान की भरपाई दंगाइयों से की जाएगी, सीएम फडणवीस बोले- संपत्तियों पर चलेगा बुलडोजर
Nagpur riots: नागपुर में 17 मार्च 2025 को हुई हिंसा मामले में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बड़ा ऐलान किया है। यूपी में दंगाइयों से निपटने के लिए योगी सरकार वाला तरीका महाराष्ट्र सीएम फडणवीस ने भी अपना लिया है। सीएम फडणवीस ने आदेश दिया है कि नागपुर में हुए दंगों के दौरान हुए नुकसान की लागत दंगाइयों से वसूला जाएगा।
इतना ही नहीं उन्होंने कहा "अगर दंगाई नुकसान की भरपाई करने में विफल रहते हैं, तो उनकी संपत्ति को नीलाम कर दिया जाएगा और नुकसान की राशि उससे वसूली जाएगी।" सीएम ने कहा अगर जरूरत पड़ी तो नागपुर दंगाइयों के घरों पर बुलडोजर भी चलाया जा सकता है।

महाराष्ट्र मुख्यमंत्री ने हिंसक घटनाओं और अशांति के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों की प्रतिक्रियाओं की समीक्षा आज की जिसके बाद एक प्रेस वार्ता के दौरान ये बात कही है।
नागपुर में 17 मार्च को हुई हिंसा के बारे में मुख्यमंत्री फडसवीस ने बताया कि इस मामले में अब तक 104 की पहचान की जा चुकी है और 94 लोगों को गिरफ़्तार किया जा चुका है।" उन्होंने बताया कि सीसीटीवी फुटेज की मदद से दंगों में शामिल लोगों की पहचान कर उनकी धर-पकड़ की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया अल्पसंख्यक डेमोक्रेटिक पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष हामिद इंजीनियर जैसे प्रमुख लोगों की गिरफ़्तारी भी शामिल है। नागपुर में पुलिस उपायुक्त लोहित मतानी ने इंजीनियर के अरेस्ट होने की पुष्टि की।
पुलिस की कार्रवाई दंगाइयों से आगे बढ़कर सोशल मीडिया के ज़रिए अराजकता को हवा देने वालों तक भी फैली हुई है। फडणवीस ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ऑनलाइन भड़काऊ अफ़वाहें फैलाने वाले और दंगाइयों की मदद करने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की जाएगी। हिंसा से जुड़े मामले के सह-आरोपी के तौर पर उनपर कार्रवाई होगी। 68 सोशल मीडिया पोस्ट की पहचान करके उन्हें हटा दिया गया है।
नागपुर में 17 मार्च 2025 को हिंसा औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग के बाद भड़की थी। नागपुर के कई इलाकों में काफी अशांति हुई। स्थिति तब और बिगड़ गई जब एक विरोध प्रदर्शन के दौरान एक पवित्र पुस्तक के अपमान के बारे में अफ़वाहें फैलीं, जिसके बाद पथराव और आगजनी हुई। हिंसा के बाद कई इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया था, जिसे शहर में शांति बहाल होने के बाद हटा लिया गया है।
बता दें नागपुर हिंसा में मुख्य संदिग्ध के रूप में पहचाने गए फहीम खान ने पुलिस द्वारा दुर्व्यवहार के आरोपों के बाद अदालत के आदेश पर मेडिकल जाँच कराई। उनका मामला, अन्य लोगों के साथ, हिंसा की पुलिस जांच का हिस्सा है, जिसमें नागपुर के पुलिस आयुक्त रविंदर सिंघल ने घटनाओं की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। अब तक, अशांति के सिलसिले में 99 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है।
#WATCH | Nagpur | On Nagpur violence, Maharashtra CM Devendra Fadnavis says, "I have chaired a high-level meeting over the violence here, which state minister Chandrashekhar Bawankule also attended. I looked into every detail and kept forward my thoughts and views as well... The… pic.twitter.com/Op7NRkZAb6
— ANI (@ANI) March 22, 2025












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