क्या है नागालैंड में NCP-BJP गठबंधन की वो कहानी? जो अजित पवार ने अपनी बगावत के बचाव में सुनाई
Maharashtra Politics: शरद पवार के भतीजे अजित पवार ने राज्य के डिप्टी सीएम के पद की शपथ ले ली है। शपथ लेने के बाद अजित पवार ने अपने बगावत का बचाव करते हुए शरद पवार के नागालैंड मॉडल को हाईलाइट किया।
महाराष्ट्र की राजनीति में पलक झपकते ही बड़ा उलटफेर रविवार को देखने को मिला। जब अजित पवार ने एनसीपी विधायकों के साथ बैठक करने के बाद डिप्टी सीएम पद की शपथ ले ली। खास बात यह रही कि शपथ लेने से पहले इस फैसले की भनक किसी को नहीं लगी।
अजित पवार ने बीजेपी की शिंदे सरकार का दामन थाम लिया। उधर, एनसीपी में टूट की अटकलों पर भी अजित पवार ने अपने बयान से विराम लगा दिया।

डिप्टी सीएम बनते ही अजित पवार ने पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस की। जिसमें उन्होंने कहा कि एनसीपी पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह हमारे पास ही रहेगा। साथ ही शरद पवार के नागालैंड मॉडल पर रोशनी डालते हुए अजित पवार ने कहा कि पहले नागालैंड में एनसीपी के 7 विधायक थे और पार्टी के फैसले पर सभी विधायक बीजेपी के साथ चले गए। इसी तरह एनसीपी महाराष्ट्र राज्य के विकास के लिए बीजेपी के साथ क्यों नहीं जा सकती है।
क्या है नागालैंड में NCP-BJP गठबंधन की वो कहानी?
आपको बता दें कि नागालैंड में विधानसभा चुनाव 2023 में एनसीपी ने एनडीपीपी-बीजेपी के नेतृत्व वाली नागालैंड सरकार को अपना समर्थन दिया। जिसके सात विधायक चुनकर आए थे। तब पार्टी प्रमुख शरद पवार ने स्पष्ट किया कि एनसीपी केवल बाहर से सरकार का नेतृत्व करेगी। पार्टी ने बीजेपी को नहीं बल्कि नागालैंड के मुख्यमंत्री का समर्थन किया है। इसी नागालैंड मॉडल का अजित पावर ने उदाहरण देकर अपने आगे के रास्ते तय किए हैं।












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