Mumbai Water Metro: समंदर के सीने पर दौड़ेगी मेट्रो, 36 रूट्स वाले मेगा प्रोजेक्ट से घंटो की दूरी मिनटों में
Mumbai Water Metro: महानगर में ट्रैफिक जाम और भीड़भाड़ की समस्या को कम करने के लिए Maharashtra सरकार ने एक महत्वाकांक्षी वॉटर मेट्रो परियोजना को मंजूरी दे दी है। इस प्रोजेक्ट के तहत मुंबई में 36 रूट्स का विशाल जल परिवहन नेटवर्क विकसित किया जाएगा, जो शहर और आसपास के क्षेत्रों को तेज, सस्ता और पर्यावरण के अनुकूल सफर का विकल्प देगा।
यह परियोजना कोच्चि वॉटर मेट्रो मॉडल पर आधारित है, जहां पहले से ही आधुनिक जल परिवहन प्रणाली सफलतापूर्वक संचालित हो रही है। मुंबई में भी इसी तर्ज पर बैटरी से चलने वाली इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड फेरियों का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे प्रदूषण में कमी आएगी।

Mumbai Water Metro: परियोजना की खास बातें
- इस वॉटर मेट्रो नेटवर्क की कुल लंबाई लगभग 340 किलोमीटर होगी। इसमें 11 नए जलमार्ग (करीब 215 किमी) विकसित किए जाएंगे और 24 नए टर्मिनल बनाए जाएंगे।
- इसके अलावा, 21 मौजूदा रूट्स (125 किमी) और 20 टर्मिनलों का आधुनिकीकरण किया जाएगा। महत्वपूर्ण रूट्स में नरिमन पॉइंट-वर्ली-बांद्रा-जुहू-वर्सोवा कॉरिडोर शामिल है। इसके अलावा वर्सोवा-मड, मार्वे-मनोरी और गोराई-बोरीवली जैसे कनेक्शन भी विकसित किए जाएंगे।
- सबसे खास बात यह है कि दक्षिण मुंबई के रेडियो क्लब जेटी से नए नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक का सफर सिर्फ 40 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। इसके अलावा ठाणे, कल्याण, वसई, बेलापुर और एलिफेंटा जैसे इलाकों को भी इस नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
Water Metro: बजट और टाइमलाइन
इस परियोजना के लिए महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड (Maharashtra Maritime Board) करीब ₹3,436 करोड़ का निवेश करेगा, जबकि निजी ऑपरेटर 207 फेरियों के संचालन के लिए लगभग ₹3,156 करोड़ खर्च करेंगे। परियोजना का पहला चरण दिसंबर 2026 तक शुरू होने की उम्मीद है। किराया एसी लोकल ट्रेन या मेट्रो के बराबर रखने की योजना है, ताकि आम लोग आसानी से इसका लाभ उठा सकें।
Mumbai Water Metro Update: ट्रैफिक से राहत और ग्रीन मोबिलिटी
यह वॉटर मेट्रो परियोजना मुंबई की सड़कों और लोकल ट्रेनों पर बढ़ते दबाव को कम करेगी। वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे जैसे जाम वाले मार्गों के लिए यह एक प्रभावी विकल्प बन सकती है। साथ ही, इलेक्ट्रिक फेरियों के उपयोग से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी, जिससे शहर में वायु प्रदूषण भी घटेगा। सरकार का लक्ष्य है कि 2031 तक यह सेवा सालाना 7.5 करोड़ यात्रियों को सुविधा प्रदान करे, जिससे मुंबई में पब्लिक ट्रांसपोर्ट का नया अध्याय शुरू होगा।












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