Mumbai Water Cut: मुंबईकर्स हो जाएं अलर्ट, BMC 1 मई से कर रहा वॉटर सप्लाई में भारी कटौती!
Mumbai Water Cut: मुंबई में पड़ रही भीषण गर्मी में लोगों को पानी की भारी किल्लत होने वाली है। बढ़ती गर्मी, कमजोर मॉनसून और El Niño के असर के कारण BMC अलर्ट मोड में आ चुकी है। मुंबई के बिगड़ते हालात को देखते हुए BMC 1 मई से ही पानी की कटौती लागू करने की प्लानिंग कर ली है ताकि बाद में बड़ी परेशानी से बचा जा सके।
क्यों हो सकती है पानी की कटौती?
दरअसल, बीएमसी ने 5% से 15% तक पानी की सप्लाई कम करने का प्लानिंग की है। इसकी खास वजह है कि मुंबई को पानी सप्लाई करने वाली झीलों में पानी तेजी से घट रहा है। अगर अभी की तरह बीएमसी पानी की सप्लाई करता रहा तो सिर्फ जुलाई के अंत तक का स्टॉक ही रहेगा। ऐसे में वॉटर सप्लाई में कटौती करके पानी का स्टॉक अगस्त तक खींचने की कोशिश की जा रही है, ताकि बारिश का मौसम आने तक मुंबई वालों को रेगुलर पानी की आपूर्ति की जा सके।

IMD ने दी चेतावनी
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पहले ही हिंट दे दिया है कि 2026 का मॉनसून नार्मल से कम रह सकता है। ऊपर से El Niño का प्रभाव रहेगा यानी मानसून देर से आएगा और बारिश कम हो सकती है। बारिश देर से और कम होने से मुंबई की झीलों का जल स्तर बेहतर नहीं होगा जिस कारण पानी की किल्लत रहेगी।
7 झीलें हैं मुंबई की लाइफलाइन
मुंबई पूरी तरह सात झीलों के पानी पर निर्भर है। इनकी कुल क्षमता करीब 14.47 लाख मिलियन लीटर है, लेकिन अभी सिर्फ लगभग 29% पानी ही बचा है। यानी करीब 4.16 लाख मिलियन लीटर। ये आंकड़े साफ बताते हैं कि स्थिति सामान्य नहीं है।
पहले से पानी की किल्लत झेल रहा मुंबई
फिलहाल शहर को रोज करीब 3,850 मिलियन लीटर पानी मिल रहा है, जबकि जरूरत 4,300 मिलियन लीटर की है। यानी पहले से ही 450 एमएलडी की कमी चल रही है। अगर अभी कुछ नहीं किया गया, तो आगे दिक्कत और बढ़ सकती है।
अल नीनो और गर्मी बना रहे हैं हालात और मुश्किल
इस बार अल नीनो का असर भी देखने को मिल सकता है, जिससे जून से अगस्त के बीच बारिश कम हो सकती है। साथ ही तापमान ज्यादा रहने से पानी तेजी से सूख भी रहा है। यानी एक तरफ झीलें भरने में देरी, दूसरी तरफ जो पानी है वो भी जल्दी खत्म-डबल मार वाली स्थिति है।
बीएमसी की क्या है तैयारी?
बीएमसी का मकसद साफ है-अभी थोड़ा कंट्रोल करके आगे बड़ी कमी से बचना। अधिकारी चाहते हैं कि जब तक बारिश ठीक से शुरू नहीं हो जाती, तब तक पानी का स्टॉक बना रहे। इसलिए इस हफ्ते ही कटौती का ऐलान हो सकता है, जो 1 मई से लागू भी हो सकती है।
पहले भी की जा चुकी है कटौती
ये पहली बार नहीं है। 2023 और 2024 में भी जब झीलों का पानी 10% से नीचे गया था, तब 10% कटौती लागू की गई थी। यानी बीएमसी पहले भी ऐसे कदम उठा चुकी है और इस बार भी वही एहतियात अपनाया जा रहा है-बस फर्क ये है कि इस बार पहले से तैयारी की जा रही है।














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