Mumbai Metro: मुंबई में भीड़-भाड़ से मिलेगी मुक्ति! अब इस लाइन पर जमीन के नीचे दौड़ेगी नई मेट्रो!
मुंबई की सबसे महत्त्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक मेट्रो लाइन 11 को शुरू करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। यह नई लाइन सायन (Sion) को सीधे गेटवे ऑफ इंडिया से जोड़ेगी और इसका पूरा प्रस्ताव 23,487 करोड़ रुपये की लागत के साथ केंद्र सरकार को मंज़ूरी के लिए भेज दिया गया है।
अगर आपको मुंबई की भीड़-भाड़ वाली सड़कों पर जाम से छुटकारा चाहिए और दक्षिण मुंबई के ऐतिहासिक इलाक़ों तक तेज सफर करना है, तो यह 17.4 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन आपके लिए एक नई उम्मीद है। आइए जानते हैं, शहर के ट्रांसपोर्ट को बदलने वाला यह प्रोजेक्ट कब तक जमीन पर उतरेगा और किन इलाक़ों को जोड़ेगा।

परियोजना की मुख्य बातें और रूट
मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MMRCL) ने इस लाइन का प्रस्ताव केंद्र सरकार को सौंपा है। यह लाइन पूरी तरह से जमीन के नीचे (Underground) चलेगी और मुंबई की दूसरी ऐसी मेट्रो लाइन होगी। यह मौजूदा मेट्रो लाइन 4 (वडाला-ठाणे-कसारवडवली) का ही विस्तार होगी, जिसे MMRDA बना रहा है। इस लाइन का मुख्य उद्देश्य पूर्वी उपनगरों और दक्षिण मुंबई के बीच सफ़र को आसान बनाना है।
कनेक्ट होने वाले मुख्य इलाक़े
यह नई लाइन मुंबई के सबसे घनी आबादी वाले और पुराने इलाकों से गुजरेगी। इसमें वडाला, भायखला (Byculla), नागपाड़ा, भिंडी बाजार, क्रॉफर्ड मार्केट, हॉर्निमन सर्कल, और छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) शामिल हैं। यह लाइन गेटवे ऑफ इंडिया पर जाकर ख़त्म होगी।
फंडिंग और तैयारी
MMRCL के एक अधिकारी के अनुसार, रूट का डिजाइन लगभग पूरा हो गया है, और कॉर्पोरेशन ने जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) से फाइनेंशियल मदद मांगी है। एक बार जब केंद्र प्रोजेक्ट के टेक्निकल और फाइनेंशियल फ्रेमवर्क का रिव्यू कर लेगा, तो उसके बाद फॉर्मल मंज़ूरी मिलने की उम्मीद है।
मल्टी-लेवल ट्रांज़िट हब
सायन में अनिल डिपो को नई लाइन के लिए कार डिपो बनाया जाएगा। यह सुविधा BEST बसों के लिए मल्टी-लेवल पार्किंग के साथ इंटीग्रेटेड होगी। इससे डिपो एक बड़ा ट्रांज़िट हब बन जाएगा। इसके अलावा, वडाला में एक इंटरचेंज स्टेशन भी होगा, जो पूर्वी उपनगरों के लिए निर्बाध कनेक्टिविटी देगा।
निर्माण की प्रक्रिया
महाराष्ट्र सरकार ने सितंबर 2025 में ही मेट्रो लाइन 11 को अपनी मंज़ूरी दे दी थी। दिवाली के दौरान, MMRCL ने परियोजना के लिए एक अंतरिम सलाहकार (Interim Consultant) नियुक्त करने के लिए टेंडर जारी किए।
बदल जाएगा मुंबई का ट्रांसपोर्ट सिस्टम
सलाहकार का काम स्टेशन का डिज़ाइन, ज़मीन के अंदर सुरंगों का निर्माण, सिविल वर्क और निर्माण के दौरान ट्रैफिक को डाइवर्ट करने की रणनीति बनाना होगा। इस परियोजना के लिए लगभग 22.7 हेक्टेयर जमीन की ज़रूरत होगी, जिसमें से ज़्यादातर सरकारी ज़मीन है। केंद्र की मंज़ूरी मिलते ही, यह परियोजना मुंबई के ट्रांसपोर्ट सिस्टम को हमेशा के लिए बदल देगी।












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