मुंबई: फर्जी वैक्सीन कैंप के मामले में फरार डॉक्टर मनीष त्रिपाठी ने किया सरेंडर, जानें क्या है पूरा मामला
मुंबई: फर्जी वैक्सीन कैंप के मामले में फरार डॉक्टर मनीष त्रिपाठी ने किया सरेंडर, जानें क्या है पूरा मामला
मुंबई, 29 जून: महाराष्ट्र के मुंबई में फर्जी वैक्सीनेशन के मामले में फरार आरोपियों में से एक डॉक्टर मनीष त्रिपाठी ने मुंबई पुलिस को सरेंडर किया है। मंगलवार (29 जून) की सुबह 11 बजे फर्जी वैक्सीन कैंप मामले के आरोपी डॉक्टर मनीष त्रिपाठी ने कांदिवली पुलिस के सामने सरेंडर किया है। सोमवार (27 जून) को मनीष त्रिपाठी का एबीए खारिज होने के बाद डॉक्टर के वकील ने एडव आदिल खत्री ने कहा कि डॉ. त्रिपाठी मंगलवार को बोरीवली कोर्ट में आत्मसमर्पण करेंगे। वकील आदिल खत्री ने कहा था कि डॉ मनीष त्रिपाठी की अग्रिम जमानत याचिका डिंडोशी सत्र अदालत ने खारिज कर दी है, इसलिए उन्होंने अब मजिस्ट्रेट के सामने सरेंडर करने का फैसला किया है।

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डॉक्टर के वकील ने ये भी कहा है कि मनीष त्रिपाठी के परिवार वाले चाहते थे कि वह सरेंडर कर दें। मुंबई पुलिस ने परिवार वालों के सदस्यों को थर्ड डिग्री पर रखा था। इसलिए उनके परिवार वाले चाहते हैं कि वह सरेंडर कर दें।
वहीं मुंबई पुलिस ने कहा है कि डॉ मनीष त्रिपाठी ने गलत तरीके से अनधिकृत टीकाकरण अभियानों में इस्तेमाल की गई शीशियों को खरीदा था। डॉ मनीष त्रिपाठी शिवम अस्पताल के परिसर में नर्सिंग और अन्य छात्रों के लिए एक कोचिंग संस्थान और केपीईसी चलाते हैं। इस मामले में श्याम अस्पताल के संस्थापक डॉ शिवराज पटारिया और उनकी पत्नी नीता पटारिया को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
मुंबई पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ में कहा है कि शीशियों को खरीदने वाले डॉक्टर मनीष त्रिपाठी ही थे। वहीं गिरफ्तार आरोपी गुड़िया यादव को नेस्को टीकाकरण केंद्र में भर्ती भी मनीष की वजह होना पड़ा था।
मुंबई पुलिस ने कहा है कि डॉ मनीष त्रिपाठी ने ही गुड़िया यादव को नेस्को के डेटा एंट्री डिपार्टमेंट में नौकरी दिलवाी थी, ताकि फर्जी सर्टिफिकेट बनाने के लिए सेंटर की काउइन आईडी और पासवर्ड चुराई जा सके। पुलिस की जांच में ये भी पता चला है कि केंद्र की काउइन आईडी और पासवर्ड को गुड़िया यादव ने ही चुराया था।
मुंबई पुलिस के मुताबिक फर्जी वैक्सीनेशन मामले में डॉ मनीष त्रिपाठी ने अपने कुछ कोचिंग छात्रों का भी अनाधिकृत इस स्कैम में शामिल किया था। मुंबई पुलिस ने अब तक इस मामले में 10 लोगों की गिरफ्तारियां की हैं। मनीष त्रिपाठी के साथ कोकिलाबेन अंबानी अस्पताल में काम करने वाला आरोपी राजेश पांडे भी फरार थे।












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