ट्रांसफर-पोस्टिंग घोटाला: साइबर पुलिस ने रिकॉर्ड किया देवेंद्र फडणवीस का बयान
नई दिल्ली, 13 मार्च: महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने सरकार पर ट्रांसफर पोस्टिंग में घोटाले का आरोप लगाया था। जिसकी जांच मुंबई साइबर पुलिस कर रही है। इसी के तहत रविवार को करीब दो घंटे तक पुलिस की टीम ने फडणवीस का बयान लिया। शुरू में खबर आ रही थी कि नेता विपक्ष को थाने जाकर बनाया देना पड़ेगा, लेकिन बाद में फडणवीस ने साफ किया कि ज्वाइंट सीपी क्राइम ने उनको बताया है कि वो कुछ जानकारी चाहते हैं, जिस वजह से पुलिस टीम उनके घर आकर बयान दर्ज कर लेगी।

पुलिस टीम के जाने के बाद देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि पुलिस की एक टीम ने ट्रांसफर, पोस्टिंग मामले में मेरा बयान दर्ज किया। मैंने सभी सवालों के जवाब दिए। महाराष्ट्र सरकार पिछले छह महीने से इस मामले को खारिज कर रही थी। मैं इस मामले का व्हिसलब्लोअर हूं।
दरअसल मार्च 2021 में देवेंद्र फडणवीस ने ट्रांसफर पोस्टिंग घोटाले का पर्दाफाश किया था। उनका दावा है कि ट्रांसफर-पोस्टिंग के नाम पर किसे कितना पैसा दिया गया, जैसी जानकारी उनके पास हैं। उन्होंने एक रिपोर्ट होम सेक्रेट्री को सौंप दी थी। जब महाराष्ट्र सरकार ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की, तो कोर्ट ने सीबीआई को जांच सौंप दी। इस से परेशान महाराष्ट्र सरकार ने उनके ऊपर ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट के उल्लंघन का आरोप लगा दिया। साथ ही उनके ऊपर केस दर्ज किया।
फोन टैपिंग से लेना-देना नहीं
कई मीडिया रिपोर्ट्स में इसे फोन टैपिंग से जुड़ा मामला बताया गया था, हाल ही में फडणवीस ने इस पर सफाई दी थी। उन्होंने कहा कि इस मामले का फोन टैपिंग से कोई लेना-देना नहीं है। ये मामला सिर्फ ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़ा है। उन्होंने उस खबर को भी गलत बताया, जिसमें दावा किया गया था कि उन्हें टैपिग मामले में पुणे पुलिस ने नोटिस भेजा है।












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