महाराष्ट्र में आफत की बारिश, कोल्हापुर में 45-50 और सतारा में 8 लोगों की मौत, 2 लापता
मुंबई, जुलाई 23: महाराष्ट्र के कोल्हापुर और सतारा जिले में मूसलाधार बारिश ने तबाही मचा रखी है। भारी बारिश के चलते अब तक कोल्हापुर में 45 से 50 लोग और सतारा में 8 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि सतारा में दो लोग लापता बताए जा रहे हैं। जबकि 27 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। भारी बारिश की वजह से महाराष्ट्र के कोल्हापुर, रायगढ़, रत्नागिरी, पालघर, ठाणे और नागपुर के कुछ हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। शुक्रवार को हुए हादसों में अब तक 55 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
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महाराष्ट्र के राहत और पुनर्वास मंत्री विजय वडेट्टीवार ने बताया कि, पंचगंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से कोल्हापुर में चिंता की स्थिति है। सहायता भेजी जा रही है। 45-50 हताहतों की सूचना दी गई है। एनडीआरएफ की 2 टीमें मौजूद हैं और 1 आने वाली है। सेना भी तैनात है। सतारा के अंबेघर गांव में भी लैंड स्लाइडिंग हुई है। यहां 8 लोगों की जान गई है। मलबे के नीचे करीब 20 लोग दबे हुए हैं। दो लोग लापता बताए जा रहे हैं। कई लोगों को बचाया गया है।
इससे पहले रायगढ़ के तलई गांव में पहाड़ का मलबा रिहायशी इलाके पर गिर पड़ा। इसके नीचे 35 घर दब गए। इस हादसे में 36 लोगों की मौत हो गई है, 70 से ज्यादा लोग लापता हैं। 32 के शव बाहर निकाले गए हैं। शुक्रवार को ही मुंबई से सटे गोवंडी में एक इमारत के गिरने से 4 लोगों की मौत हो गई है। सभी मृतक एक ही परिवार से हैं। मौसम विभाग ने अगले तीन दिन के लिए कोंकण, मुंबई और इसके आसपास के जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। ठाणे और पालघर में भारी बारिश के कारण लो लाइंग इलाके 24 घंटे से पानी में डूबे हैं।
महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा कि, रायगढ़ के तलाई गांव में भूस्खलन से करीब 35 लोगों की जान चली गई है। कई जगहों पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। मैंने उन लोगों को निकालने और स्थानांतरित करने का आदेश दिया है जो उन क्षेत्रों में रह रहे हैं जहां भूस्खलन की संभावना है। सड़क और पुल क्षतिग्रस्त होने से एनडीआरएफ और अन्य बचाव दल को चिपलून में बाढ़ प्रभावित इलाकों तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है। स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।












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