Maharashtra politics: क्या 2025 में फिर टल जाएगा निकाय चुनाव? उद्धव-राज ठाकरे की मांग से मचा हडकंप
Maharashtra civic elections: महाराष्ट्र में आगामी निकाय चुनावों से पहले कथित मतदाता सूची घोटाले को लेकर प्रमुख विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे सहित कई विपक्षी नेताओं ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए।
विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी (MVA) के साथ-साथ राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने मतदाता सूची में कथित विसंगतियों को लेकर चिंता व्यक्त की है। गठबंधन के प्रमुख नेताओं और राज ठाकरे ने इस मुद्दे पर चुनाव आयोग से मुलाकात की और बाद में एक संयुक्त गठबंधन ने ये प्रेस कान्फ्रेंस कर आपत्ति जताई।

मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने 6 महीने चुनाव स्थगित करने की मांग
राज ठाकरे ने आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को 5-6 महीने के लिए स्थगित करने की मांग की। उन्होंने कहा, "अगर चुनाव आयोग मतदाता सूची नहीं दिखा रहा है, तो गड़बड़ी यहीं से शुरू होती है। मैंने 2024 से पहले और बाद की दो सूचियां देखी हैं। विधानसभा चुनाव के बाद जारी सूची में केवल नाम हैं, तस्वीरें नहीं।" उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी थोप रहा है।
राज ठाकरे ने दी ये चेतावनी
राज ठाकरे ने स्पष्ट चेतावनी दी, "जब तक मतदाता सूचियां नहीं दिखाई जातीं, तब तक भ्रम बना रहेगा। तब तक चुनाव न कराएं।" उन्होंने कहा कि अगर मतदाता सूचियों में सुधार के लिए 6 महीने और लगते हैं तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने चुनाव आयोग से जल्द ही इस संबंध में अधिसूचना जारी करने को कहा, जिसके बाद वे दो दिनों के भीतर अपना निर्णय बताएंगे।
चुनाव नतीजे पर उठाया सवाल
राज ठाकरे ने विधानसभा चुनाव के नतीजों पर भी सवाल उठाते हुए कहा, "राज्य में महायुति को 232 सीटें मिलने के बावजूद कोई जश्न नहीं था। जो लोग चुने गए, वे भी हैरान थे। फिर यह कैसा चुनाव था?" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि चुनाव कैसे होते हैं, यह महत्वपूर्ण है, न कि किसके साथ होते हैं।
उद्धव ठाकरे ने भाजपा ने लगाए गंभीर आरोप
उद्धव ठाकरे ने मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ी को लेकर सीधे भाजपा पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, "लोकतंत्र बचाने के लिए महाराष्ट्र के सभी राजनीतिक दल एक साथ आए हैं।" उन्होंने बताया कि उन्होंने भाजपा को भी पत्र लिखा था, लेकिन वे इसमें शामिल नहीं हुए।
चुनाव पारदर्शी तरीके से कराएं
चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा, "अगर चुनाव कराने हैं, तो उन्हें पारदर्शी तरीके से कराएं। हमने चुनाव अधिकारियों से कहा है कि यदि आप निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराना चाहते हैं, तभी कराएं, अन्यथा आप चुनाव के बजाय 'सिलेक्शन' करके स्वतंत्र हो जाएं।"
ठाकरे ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर लगाए आरोप
ठाकरे ने बताया कि विधानसभा चुनाव के दौरान ही मतदाता सूचियों में गड़बड़ी का पता चला था और महाविकास अघाड़ी ने 19 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव से पहले ही चुनाव आयोग को इस संबंध में पत्र लिखा था। उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि "कुछ भाजपा कार्यकर्ता मतदाता सूची से छेड़छाड़ कर रहे हैं। वे मनमाने ढंग से लोगों को मतदाता सूची में शामिल कर रहे हैं और मनमाने ढंग से हटा रहे हैं।"












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