Maharashtra: NCP से बगावत कर अजित पवार ने NDA को दिया समर्थन, बने डिप्टी सीएम
एनसीपी नेता अजित पवार ने एक बार भी महाराष्ट्र में बड़ा खेल कर दिया है। रविवार को उन्होंने दावा किया कि उन्हें पार्टी के 40 विधायकों का समर्थन प्राप्त है। इसके बाद वो राजभवन पहुंचे। वहां पर उन्होंने बीजेपी-शिवसेना(शिंदे गुट) सरकार को समर्थन दे दिया। इसके साथ ही उन्होंने मंत्री पद की शपथ ली।
अजित पवार को एनडीए सरकार ने डिप्टी सीएम का पद दिया है। वो भी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ मिलकर काम करेंगे। उनके अलावा एनसीपी के 8 अन्य (कुल 9) विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। इनमें धर्मराव अत्राम, सुनील वलसाड, अदिति तटकरे, हसन मुश्रीफ, छगन भुजबल, धनंजय मुंडे, अनिल पाटिल और दिलीप वलसे पाटिल का नाम शामिल है।

एनसीपी ने नाराज थे अजित
हाल ही में शरद पवार ने एनसीपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में बड़ा बदलाव किया था। उसमें प्रफुल्ल पटेल और सुप्रिया सुले को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया, जबकि कई अन्य नेताओं को अहम पद मिले, लेकिन उस लिस्ट में अजित पवार का नाम गायब था। पार्टी ने कहा था कि उनके पास नेता प्रतिपक्ष और महाराष्ट्र की जिम्मेदारी है, इस वजह से उनको कोई नया पद नहीं दिया गया, लेकिन अजित को ये बहाना हजम नहीं हुआ।
पहले की बैठक
अजित पवार ने रविवार को अपने आवास पर विधायकों की बैठक बुलाई थी। उस वक्त खबर आ रही थी कि विधायक उनको प्रदेश अध्यक्ष बनाने की मांग कर रहे, लेकिन कुछ देर में खेल साफ हो गया। दरअसल ये बैठक विधायकों को तोड़ने के लिए थी। बैठक के बाद अजित अन्य नेताओं के साथ राजभवन पहुंचे। वहां पर पहले से ही शपथ ग्रहण के इंतजाम हो रखे थे। उन्होंने राज्यपाल से मुलाकात कर एनडीए सरकार को समर्थन दे दिया।
शरद पवार को नहीं लगी भनक
वहीं जब अजित ने बैठक बुलाई थी, तो शरद पवार से उसको लेकर मीडियाकर्मियों ने सवाल पूछा। इस पर उन्होंने कहा कि मुझे ठीक से नहीं पता कि ये बैठक क्यों बुलाई गई है लेकिन विपक्ष के नेता होने के नाते उन्हें (अजित पवार) विधायकों की बैठक बुलाने का अधिकार है। वे ऐसा नियमित रूप से करते हैं। हालांकि बाद में पता चला कि पार्टी के साथ खेल हो गया।












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