Maharashtra: कांग्रेस ने EVM के साथ ही उद्धव ठाकरे और शरद पवार पर क्यों फोड़ा हार का ठीकरा?
Maharashtra Election Result 2024: महाराष्ट्र चुनाव में महा विकास अघाड़ी (MVA)की शर्मनाक हार के बाद अब दोषारोपण का दौर शुरू हो चुका है। कांग्रेस पार्टी ने पहले की तरह ही ईवीएम पर तो दोष डाला ही है, सहयोगी शिवसेना (यूबीटी) और एनसीपी (एससीपी) को भी नहीं छोड़ा है। पार्टी का आरोप है कि इन दोनों दलों ने पूरे चुनाव अभियान की योजना पर ही पानी फेर दिया।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में विपक्षी गठबंधन एमवीए से सबसे ज्यादा उम्मीदवार उतारकर भी कांग्रेस ने अबतक का सबसे बुरा प्रदर्शन किया है। पार्टी ने 100 सीटों पर चुनाव लड़ा और सिर्फ 16 सीटें जीती। महाराष्ट्र में यह कांग्रेस का सबसे खराब प्रदर्शन है। पार्टी इसका विस्तार से विश्लेषण करे, उससे पहले पार्टी के नेता दोष डालने के लिए बहाने खोजते नजर आ रहे हैं।

शरद और उद्धव की पार्टी ने कांग्रेस की योजना पर फेर दिया पानी!
कांग्रेस पार्टी ने कर्नाटक में वरिष्ठ मंत्री और पार्टी के कद्दावर नेता जी परमेश्वरा को महाराष्ट्र में चुनाव में पर्यवेक्षक बनाकर तैनात किया था। उन्होंने एएनआई से बातचीत में पहले तो ये माना कि 'लाडकी बहिन योजना' सत्ताधारी महायुति के पक्ष में काम कर कर गया है। उन्होंने पार्टी में टिकट बंटवारे में देरी और कंफ्यूजन की भी बात कबूल की।
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लेकिन, सहयोगियों पर यह कहकर आरोप लगा दिया कि शरद पवार की एनसीपी (एससीपी) और उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) 'योजना के मुताबिक प्रचार में नाकाम' रही। उन्होंने दावा किया, 'शरद पवार गुट और उद्धव ठाकरे गुट में अच्छी तालमेल नहीं थी,उन्होंने योजना के मुताबिक प्रचार नहीं किया और विदर्भ ने हमें बहुत सीटें नहीं मिलीं।'
जबतक ईवीएम रहेगा,कांग्रेस नहीं आ सकती- कांग्रेस नेता
इसके बाद उन्होंने ईवीएम पर हार का ठीकरा फोड़ना शुरू किया और यहां तक कह दिया कि जबतक यह रहेगा कांग्रेस का सत्ता में आना मुश्किल है। उन्होंने कहा, 'हम विदर्भ इलाके से कम से कम 50 सीटों की उम्मीद कर रहे थे, जबतक ईवीएम रहेगा, कांग्रेस का आना मुश्किल है।'
उनके मुताबिक, 'महाराष्ट्र में कांग्रेस और महा विकास अघाड़ी ने बहुत बुरा प्रदर्शन किया है। यह सब जानते हैं। हम और महाराष्ट्र के हमारे कुछ नेता कल एकसाथ बैठे और विश्लेषण किया। अशोक गहलोत और बघेल पूर्व मुख्यमंत्री और हम साथ में बैठे।'
ईवीएम हैक किए गए थे- कांग्रेस
इसके आगे उन्होंने उसी तरह की दलीलें रखीं जिन दावों को चुनाव आयोग बार-बार हर चुनाव में खारिज करता आया है। सुप्रीम कोर्ट भी ऐसे दावों को नकार चुका है। लेकिन कांग्रेस नेता ने फिर दावा किया,'हमें जो जानकारी मिली है, वह चौंकाने वाली है कि ईवीएम हैक थे, सभी विधानसभा क्षेत्रों में नहीं, बल्कि चुनिंदा क्षेत्रों में। मुझे विश्वास है कि उन्होंने ईवीएम हैक कर लिया था।'
हरियाणा चुनाव के बाद ईवीएम की बैटरी पर उठाए थे सवाल
इससे पहले जब हरियाणा में कांग्रेस करारी हार हारी तो उसने ईवीएम की बैटरी पर सवाल उठाए थे और पार्टी के दिग्गज नेताओं ने चुनाव आयोग को लंबा-चौड़ा पत्र थमा दिया था। कुछ दिन बाद जब आयोग ने उन्हें तथ्यों के साथ जवाब दिया और बेवजह अफवाह नहीं फैलाने की हिदायत दी तो संवैधानिक संस्था पर ही निशाना साधना शुरू कर दिया।
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सुप्रीम कोर्ट भी लगा चुका है लताड़
ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कुछ लोग सुप्रीम कोर्ट भी गए थे। इसी साल 26 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने वोटिंग के लिए ईवीएम की व्यवस्था को न सिर्फ बरकरार रखा और बैलेट पेपर की व्यवस्था फिर से बहाल करने की मांग ठुकरा दी, बल्कि यहां तक कहा कि किसी संस्था या व्यवस्था पर 'आंख मूंद कर अविश्वास' अनुचित संदेह पैदा करता है और प्रगति में बाधा डालता है।












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