सुप्रीम कोर्ट ने रद्द किया मराठा आरक्षण, उद्धव बोले- आरक्षण के लिए कानून लाएं पीएम मोदी
मुंबई, मई 5: सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में मराठा समुदाय को आरक्षण के कानून को खारिज कर दिया है, जिसके बाद महाराष्ट्र मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि हमने सर्वसम्मति से कानून पारित किया था। अब न्यायालय का कहना है कि महाराष्ट्र इस पर कानून नहीं बना सकता है, केवल प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति बना सकते हैं। वहीं अब उद्धव ठाकरे ने इस मामले में पीएम मोदी से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है।

महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा कि हम मराठा समुदाय को न्याय दिलाने के लिए अपनी कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे, जब तक कि यह हासिल नहीं हो जाता। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हम प्रधानमंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप करने और मराठों को आरक्षण देने के लिए एक कानून बनाने का आग्रह करते हैं। वहीं उन्होंने कहा कि बीजेपी सांसद संभाजी राजे मराठा आरक्षण के मामले में पीएम से अपॉइंटमेंट की मांग कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अभी तक वक्त नहीं मिला है।
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले का समर्थन
वहीं इस मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट का सम्मान करते हैं। महाराष्ट्र सरकार ने मराठा समाज के ऐसे लोग जिनकी आय कम है, उन्हें आरक्षण दिया था। महाराष्ट्र सरकार कोर्ट में सही से अपना पक्ष रखने में विफल रही। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मेरी पार्टी की तरफ से मांग है कि मराठा लोगों को आरक्षण मिलना ही चाहिए। क्षेत्रिय समाज को अलग से आरक्षण मिलना चाहिए। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखने वाला हूं।












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