मानखुर्द VIP सीट: अबू आसिम आजमी vs नवाब मलिक, UP के 2 दोस्त महाराष्ट्र में आकर बने 'सियासी दुश्मन'
Abu Asim Azmi vs Nawab Malik: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 में मानखुर्द शिवाजी नगर हॉट सीटों में से एक बन गई हैं, क्योंकि यहां यूपी के दो दोस्त ही एक दूसरे के सामने चुनाव लड़ रहे हैं। हम बात कर रहे हैं अबू आसिम आजमी व नवाब मलिक की। ये दोनों कभी जिगरी दोस्त हुआ करते थे और अब सियासी दुश्मन बने हुए हैं।
Mankhurd Shivaji Nagar seat: अबू आसिम आजमी व नवाब मलिक की निजी जिंदगी और राजनीतिक यात्रा एक जैसी है। दोनों यूपी में पैदा हुए। महाराष्ट्र में समाजवार्दी पार्टी की सियासी जमीन तैयार की। दोनों ही विधायक बने। अब फिर मैदान में हैं। इस बार मानखुर्द शिवाजी नगर सीट पर एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं।

दरअसल, अबू आसिम आजमी उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के सरायमीर के रहने वाले हैं जबकि नवाब मलिक यूपी के बलरामपुर जिले के उतरौल तहसील के गांव धुंसवा से हैं। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 में मानखुर्द शिवाजी नगर पर नवाब मलिक अजित पवार एनसीपी और अबू आसिम आजमी समाजवादी पार्टी प्रत्याशी हैं।
दोस्त कैसे बने दुश्मन?
उत्तर प्रदेश से आकर महाराष्ट्र में समाजवादी पार्टी के पैर जमाते-जमाते अबू आसिम आजमी और नवाब मलिक अच्छे दोस्त बन गए थे। दोनों ने विधानसभा चुनाव लड़े। विधायक भी बने। नबाव मलिक को ईडी ने मनी लॉंड्रिंग केस में फरवरी 2022 में अरेस्ट कर जेल भिजवाया। तब अबू आसिम आजमी ने कथित तौर पर उस सीट पर अपने भरोसेमंदर फहद मलिक के लिए जमीन तैयार करनी शुरू कर दी। फहद मलिक फिल्म अभिनेत्री स्वरा भास्कर के पति हैं। फहद की वजह से ही नबाव मलिक और अबू आसिम आजमी में सियासी दुश्मनी हो गई।

अबू आसिम आजमी: यूपी से मुम्बई का सफर
उत्तर प्रदेश में जन्मे अबू आसिम आजमी साल 1973 में मुंबई आए थे। जमींदार परिवार से संबंध रखते थे। अबू आसिम ने कपड़े का कारोबार और ट्रेवल एजेंट के रूप में खूब नाम व पैसा कमाया। 1993 मुंबई सीरियल ब्लास्ट में अबू आसिम आजमी पर 11 आतंकियों को दुबई भेजने के लिए फंडिंग का आरोप लगा, जिसमें गिरफ्तार हुए। जमानत पर बाहर आकर समाजवादी पार्टी ज्वाइन कर ली। सपा के महाराष्ट्र प्रदेशाध्यक्ष बन गए।

नबाव मलिक: 1970 में मुम्बई आए
यूपी में साल 1959 को जन्मे नवाब मलिक साल 1970 में मुम्बई आ गए थे। यहां कबाड़ी के रूप में काम किया। कबाड़ी से विधायक बनने का तक का सफर तय किया। नवाब मलिक ने जनता दल के जरिए अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी। 1995 में वे समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। समाजवादी पार्टी ने उन्हें नेहरूनगर से अपना उम्मीदवार बनाया, लेकिन वह शिवसेना के प्रत्याशी से चुनाव हार गए। 1999 में वह फिर इसी सीट से चुनाव लड़े और इस बार उन्होंने शिवसेना के प्रत्याशी को 18 हजार से अधिक के मार्जिन से हरा दिया। बाद में नवाब मलिक ने शरद पवार से नजदीकी बढ़ाई और फिर साल 2009 व 2019 में अणुशक्तिनगर सीट से एनसीपी विधायक बने।
मानखुर्द शिवाजी नगर पर 27 उम्मीदवार
महाराष्ट्र में मुस्लिम बाहुल्य मानखुर्द शिवाजी नगर सीट पर कुल 27 प्रत्याशी मैदान में हैं। इसमें 15 निर्दलीय उम्मीदवार हैं। समाजवादी पार्टी, एनसीपी और शिवसेना के अलावा बाकी दूसरे छोटे दलों के उम्मीदवार मैदान में हैं। 13 मुस्लिम प्रत्याशी हैं।












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