मंत्री काम नहीं करेंगे तो! महाराष्ट्र में कैबिनेट मंत्रियों को लेकर लागू की गई ये सख्त व्यवस्था
Maharashtra cabinet: महाराष्ट्र सरकार के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक दिन पहले अपने मंत्रियों को विभागों का बंटवारा कर दिया है। 15 दिसंबर को कैबिनेट विस्तार हुआ था और अब सीएम ने अपनी कैबिनेट में शामिल मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया है।
फडणवीस मंत्रीमंडल में जिन्हें शामिल किया गया है और मलाईदार विभाग मिले हैं वो मंत्री खुशी से गदगद हैं और जो मंत्रीमंडल से बाहर रह गए हैं उनमें जबरदस्त निराशा है। वहीं इस सबके बीच महाराष्ट्र सरकार ने कैबिनेट मंत्रियों को अपने काम और जिम्मेदारी के प्रति सतर्क रहने के लिए एक नई व्यवस्था लागू कर दी है।

हर तीन महीने पर होगी महाराष्ट्र कैबिनेट मंत्रियों की बैठक
शिवसेना नेता संजय शिरसाट ने खुलासा किया कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदें ने हर तीन महीने में कैबिनेट मंत्रियों के प्रदर्शन की समीक्षा अनिवार्य करने के लिए एक मानदंड निर्धारित किया है। शिरसाट ने बताया डिप्टी सीएम शिंदे ने ये निर्देष दिया है कि जो मंत्री अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने में विफल रहते हैं, उनका पद खतरे में पड़ सकता है।
नहीं तो छिन जाएगा मंत्री पद
शिरसाट ने अपने नेता एकनाथ शिंदे के हवाले से कहा "जो लोग अच्छा प्रदर्शन नहीं करते हैं, वे अपना मंत्री पद खो सकते हैं।"
धन का दुरुपयोग पाया गया तो?
इसके अलावा, शिरसाट ने सरकारी धन के दुरुपयोग के खिलाफ सरकार के रुख पर जोर दिया। शिरसाट ने कहा "सरकारी धन का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिला योजना समिति की बैठकों के दौरान, धन के दुरुपयोग के दोषी पाए जाने वाले किसी भी अभिभावक मंत्री, विधायक या सांसद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शिरशाट ने शेयर की अपनी कार्ययोजना
शिरसाट ने अपनी जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्हें सामाजिक न्याय विभाग सौंपा गया है और वे तुरंत काम शुरू करने के इच्छुक हैं। शिरसाट ने कहा, "सामाजिक न्याय विभाग, जिसकी जिम्मेदारी मुझे दी गई है, तुरंत अपना काम शुरू कर देगा। उन्होंने कहा अवैध भूमि अतिक्रमण को रोकने पर अपना ध्यान केंद्रित करूंगा। याद रहे सिल्लोड और छत्रपति संभाजीनगर सहित विभिन्न क्षेत्रों में भूमि अतिक्रमण की समस्या फैली हुई है।












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