फिर विवादों में महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी, जानिए अब ऐसा क्या कर दिया
शिवाजी पर दिए गए बयान को लेकर बवाल अभी थमा ही नहीं था कि महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने एक और विवाद को जन्म दे दिया है। 26/11 के शहीदों को 14वीं बरसी पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम का फोटो वायरल हो रहा है। जिसमें कोश्यरी शहीदों को बिना जूते उतारे ही श्रद्धांजलि दे रहे हैं। उनके इस फोटो पर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। इसको लेकर महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एमपीसीसी) के महासचिव और प्रवक्ता सचिन सावंत ने हमला बोला है। उन्होंने राज्यपाल द्वारा श्रद्धांजलि देते समय जूते नहीं उतारने को भारतीय संस्कृति के खिलाफ बताया है और कहा कि महाराष्ट्र की संस्कृति में भी इसे अनादर माना जाता है।

सचिन सावंत ने कहा कि ''राज्यपाल बार-बार महाराष्ट्र की संस्कृति व प्रतीकों का अनादर करते आ रहे हैं। इसको लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर भी सवाल उठाया है। सावंत ने कहा कि मुख्यमंत्री शिंदे को उन्हें अपने जूते उतारने और आतंकी हमलों के शहीदों के प्रति सम्मान दिखाने की याद दिलानी चाहिए थी। आपको बता दें कि देश भर के कई नेताओं ने शनिवार को आतंकी हमलों में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दी। इसी क्रम में कोश्यारी और शिंदे ने सुबह दक्षिण मुंबई में पुलिस आयुक्त कार्यालय के परिसर में शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि दी।
राज्यपाल कोश्यारी ने बीते दिनों शिवाजी पर दिया था विवादित बयान
राज्यपाल कोश्यरी ने बीते दिनों एक कार्यक्रम में शिवाजी पर भी विवादित बयान दे दिया था। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने शिवाजी को पुराने दिनों का आइकन बताया था। उनके इस बयान पर भी पूरे महाराष्ट्र में सियासत गरमा गई थी। भाजपा के स्थानीय नेताओं, एनसीपी और बाला साहब ठाकरे के दोनों गुटों शिंदे और उद्धव ठाकरे की तरफ से इसको लेकर विरोध जताया गया था। साथ ही केंद्र से उन्हें राज्य से बाहर भेजने की मांग भी की जा रही थी।
विपक्ष नेताओं ने बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि राज्यपाल को महाराष्ट्र के बारे में पता नहीं है। यही वजह है कि वे इस तरह का बयान दे रहे हैं। हालांकि, कोश्यारी के इस बयान का महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री फडणनवीस की पत्नी अमृता ने समर्थन किया था। अमृता ने कहा था कि राज्यपाल ने मराठी नहीं आने की वजह से ऐसा बयान दिया है। मैं उनको अच्छे से जानती हूं, वह दिल से मराठी मानुस हैं।
ये भी पढ़ें- Chhattisgarh: आरक्षण संशोधन विधेयक के पक्ष में राज्यपाल अनुसूईया उइके, विशेष सत्र पर बोलीं -मेरा पूरा सहयोग












Click it and Unblock the Notifications