'नेताओं का मजाक उड़ाना नहीं है कोई अपराध', कुणाल कामरा के बयान ने किया आग में घी का काम! सरकार से की क्या मांग?
Kunal Kamra Controversy: मशहूर स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में उन्होंने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर एक शो के दौरान टिप्पणी की, जिससे शिवसेना के कार्यकर्ता भड़क गए। इसके बाद, कामरा के खिलाफ FIR दर्ज हुई और शिवसेना कार्यकर्ताओं ने मुंबई के द हैबिटेट होटल में तोड़फोड़ की, जहां कामरा का शो हुआ था।
इस विवाद के बाद सोमवार को कामरा ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने साफ कहा कि कोई भी राजनीतिक पार्टी उनकी कॉमेडी को नियंत्रित नहीं कर सकती और नेताओं का मजाक उड़ाना गैरकानूनी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई नेता उनके जोक्स से नाराज होता है, तो इसका मतलब यह नहीं कि उनका अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार खत्म हो जाता है।

कामरा के इस बयान के बाद मामला और भी राजनीतिक रूप ले चुका है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उनसे माफी मांगने की मांग की, जबकि शिवसेना (यूबीटी) उनके समर्थन में खड़ी हो गई।
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'स्वतंत्र अभिव्यक्ति का अधिकार सिर्फ तारीफ के लिए नहीं'
कामरा ने कहा, "हमारा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार सिर्फ अमीर और ताकतवर लोगों की तारीफ करने के लिए नहीं है, भले ही आज का मीडिया ऐसा दिखाने की कोशिश कर रहा हो। अगर आप ताकतवर नेताओं पर किए गए मजाक को नहीं झेल सकते, तो इससे मेरे अधिकार की प्रकृति नहीं बदलती।"
शो में शिंदे पर की थी टिप्पणी
हाल ही में हुए उनके शो "नया भारत" में कामरा ने एकनाथ शिंदे पर कटाक्ष किया था। उन्होंने शिंदे को "गद्दार" कहते हुए एक पैरोडी गाना गाया। इस दौरान उन्होंने "ठाणे के एक नेता" का जिक्र करते हुए शिंदे की शारीरिक बनावट और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ उनके संबंधों पर टिप्पणी की।
शिवसेना कार्यकर्ताओं ने की होटल में तोड़फोड़
कामरा के मजाक से नाराज शिवसेना कार्यकर्ताओं ने होटल में तोड़फोड़ कर दी। इसके बाद, मुंबई नगर निगम (BMC) ने द हैबिटेट स्टूडियो के कुछ हिस्सों को अवैध निर्माण बताते हुए तोड़ दिया।
'होटल मेरी कॉमेडी का जिम्मेदार नहीं'
शिवसेना कार्यकर्ताओं की इस हरकत पर प्रतिक्रिया देते हुए कामरा ने कहा, "कोई भी कॉमेडी वेन्यू मेरी बातों के लिए जिम्मेदार नहीं है। न ही किसी राजनीतिक पार्टी को यह तय करने का हक है कि मैं क्या कहूं।"
उन्होंने कहा, "अगर किसी को मेरे जोक्स पसंद नहीं आते, तो होटल पर हमला करना वैसा ही है जैसे किसी को बटर चिकन पसंद न आए, तो वह टमाटर की गाड़ी पलट दे।"
'कानूनी कार्रवाई का सामना करने को तैयार'
कामरा ने साफ किया कि वह कानून का सम्मान करते हैं और जांच में सहयोग देने को तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने मांग की कि उनके खिलाफ कार्रवाई करने वालों को भी समान रूप से कानून का सामना करना चाहिए।
उन्होंने मुंबई नगर निगम पर भी निशाना साधते हुए कहा, "जो लोग बिना नोटिस के द हैबिटेट को गिराने पहुंचे, उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। हो सकता है कि अगला शो मैं एलफिंस्टन ब्रिज पर करूं, जिसे सच में तेजी से तोड़ने की जरूरत है।"
'मैं डरने वाला नहीं, माफी नहीं मांगूंगा'
कामरा ने साफ कहा कि वह अपने बयान पर माफी नहीं मांगेंगे और डरकर छुपने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा, "मैं इस भीड़ से नहीं डरता और मैं अपने बिस्तर के नीचे छिपकर बैठने वाला नहीं हूं।"
फडणवीस ने की माफी की मांग
इस पूरे विवाद के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि कामरा को एकनाथ शिंदे का अपमान करने के लिए माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने "शहरी नक्सलियों" और "लेफ्ट लिबरल्स" पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें सबक सिखाया जाएगा।
इस बीच, शिवसेना (यूबीटी) ने कामरा का समर्थन किया, जिससे यह मामला और भी राजनीतिक रंग ले चुका है। मुंबई पुलिस ने द हैबिटेट स्टूडियो में तोड़फोड़ करने वाले शिंदे गुट के 12 शिवसेना कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है।
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