महाराष्ट्र में वैक्सीन की कमी, 18-44 आयु वर्ग के लिए धीमा हुआ टीकाकरण अभियान
मुंबई, 11 मई: पूरा देश कोरोना महामारी की दूसरी लहर से परेशान है। इस बार भी सबसे ज्यादा असर तटीय राज्य महाराष्ट्र में दिखा, जहां पर रोजाना के मरीजों और मृतकों के आंकड़े ने रिकॉर्ड तोड़ा। वैज्ञानिकों ने साफ कहा है कि जब तक देश की ज्यादातर आबादी का टीकाकरण नहीं हो जाता, तब तक हालात ऐसे बने रहेंगे। इस बीच महाराष्ट्र में वैक्सीन की कमी का मामला सामने आया है, जिस वजह से राज्य सरकार ने 18-44 साल के लोगों के लिए वैक्सीनेशन प्रोग्राम को धीमा कर दिया है।

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश तोपे ने कहा कि 18-44 के लिए टीकाकरण प्रक्रिया को धीमा किया जा रहा है, क्योंकि अभी टीके उपलब्ध नहीं हैं। वो इसे रोकना नहीं चाहते, लेकिन कोई दूसरा विकल्प उनके पास मौजूद नहीं है। मौजूदा वक्त में 45+ लोगों के लिए टीकाकरण अभियान तेजी से चल रहा है। इससे पहले राज्य सरकार ने कहा था कि वो मुंबई में नागरिकों के उपयोग के लिए सीधे टीकों के आयात की संभावना पर विचार कर रहे हैं।
वहीं मामले में राज्य कैबिनेट में मंत्री आदित्य ठाकरे ने सोमवार को कहा कि सरकार मुंबई के लिए वैश्विक स्तर पर वैक्सीन खरीदने की संभावना को देख रही है। अगर ऐसा होता है, तो उनके पास मुंबई के लोगों के लिए टीकाकरण का रोडमैप तैयार है। अभी सरकारी अस्पतालों में फ्री में सभी को टीका उपलब्ध करवाया जा रहा है।
कम हो रहे केस?
सोमवार रात की रिपोर्ट के मुताबिक महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के 37236 नए मामले आए। ये आंकड़ा 30 मार्च के बाद सबसे कम था। इसके साथ ही राज्य में संक्रमित मरीजों की संख्या 5138973 हो गई है। वहीं 549 नई मौतों के साथ मृतकों की संख्या 76398 हो गई है।












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