हनुमान चालीसा विवाद: राणा दंपति को हाईकोर्ट से झटका, नहीं रद्द होगी FIR
मुंबई, 25 अप्रैल: महाराष्ट्र में हनुमान चालीसा को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। सीएम उद्धव ठाकरे के घर के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ने के ऐलान के बाद मुंबई पुलिस ने सांसद नवनीत राणा और उनके पति रवि राणा को गिरफ्तार किया था। दोनों पर धार्मिक सद्भाव बिगाड़ने का आरोप लगा है। निचली अदालत ने उनको जमानत देने से इनकार कर दिया, साथ ही 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा। इसके बाद वो FIR दर्ज करने की मांग को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट गए, जहां सुनवाई के बाद याचिका खारिज हो गई। साथ ही उनको कोर्ट से फटकार भी लगी।
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हाईकोर्ट ने खार थाने में दर्ज दूसरी FIR मामले में सांसद नवनीत राणा और उनके पति रवि राणा को मामूली राहत दी है, जिसके तहत इस मामले में उनकी गिरफ्तारी नहीं होगी। अपने फैसले में कोर्ट ने कहा कि कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका थी, जिस वजह से राज्य का कदम सही था। जिनती बड़ी पावर होती है, उतनी ही बड़ी जिम्मेदारी भी होती है।
दरअसल राणा दंपति के खिलाफ धारा 153 ए (धर्म, जाति, जन्म स्थान, निवास, भाषा, आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना और सद्भाव बनाए रखने के लिए प्रतिकूल कार्य करना), धारा 34, धारा 37 (1) और धारा 135 के तहत मामला दर्ज किया गया है। निचली अदालत के आदेश के बाद रविवार देर रात नवनीत राणा को भायखला महिला जेल ले जाया गया, जबकि रवि राणा को मुंबई के तलोजा जेल में भेजा गया है।
शिवसैनिकों के निशाने पर
वहीं जब से राणा दंपति ने मातोश्री के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ने का ऐलान किया है, तब से वो शिवसैनिकों के निशाने पर हैं। जब नवनीत राणा अपने मुंबई स्थित आवास पहुंची तो शिवसैनिकों ने उसे घेर लिया और जमकर बवाल हुआ। इसके अलावा सीएम के घर के बाहर भी बड़ी संख्या में शिवसैनिक डटे रहे, ताकि राणा दंपति के आने पर उनका विरोध किया जा सके। इसको देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नवनीत राणा को Y श्रेणी की सुरक्षा दे दी थी। अब उनके साथ 11 सुरक्षाकर्मी रहेंगे, जिसमें दो कमांडो भी शामिल हैं।












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