Trump हमारे PM को किडनैप करेंगे? Venezuela घटना के बाद भारत विरोधी बोल वाले कांग्रेसी पूर्व CM कौन हैं?
Prithviraj Chavan Comment Sparks: जनवरी 2026 की शुरुआत में एक राजनीतिक विवाद ने भारतीय राजनीति को हिला दिया है। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी का हवाला देकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर एक विवादास्पद टिप्पणी की।
चव्हाण ने कथित तौर पर पूछा कि क्या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) भारत के प्रधानमंत्री का अपहरण कर सकते हैं। इस बयान पर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई और इसे 'भारत विरोधी मानसिकता' करार दिया। जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने भी चव्हाण की आलोचना की, इसे देश का अपमान बताया। आइए, इस पूरे विवाद को विस्तार से समझते हैं - चव्हाण का बयान, राजनीतिक प्रतिक्रियाएं, वेनेजुएला की घटना और भारत की आधिकारिक स्टैंड...

Who Is Prithviraj Chavan: पृथ्वीराज चव्हाण का विवादास्पद बयान: क्या था संदर्भ?
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने एक सार्वजनिक बयान में अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर की गई सैन्य कार्रवाई का जिक्र किया। उन्होंने भारत पर अमेरिकी टैरिफ और आर्थिक दबाव के मुद्दे पर बोलते हुए पूछा, 'अब सवाल यह उठता है कि क्या वेनेजुएला (Venezuela) में जो हुआ, वैसा ही कुछ भारत में भी होगा? क्या ट्रंप हमारे प्रधानमंत्री का अपहरण करेंगे?' यह बयान एक वीडियो में कैद हुआ, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। चव्हाण का इशारा 3 जनवरी 2026 को हुई अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन की ओर था, जहां अमेरिका ने वेनेजुएला की राजधानी काराकस पर हमला कर राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स को गिरफ्तार कर लिया।
चव्हाण का कहना था कि अमेरिका के आर्थिक प्रतिबंध और सैन्य हस्तक्षेप वेनेजुएला जैसे देशों पर लागू हो सकते हैं, और क्या भारत भी इसका शिकार हो सकता है। हालांकि, कांग्रेस या चव्हाण की तरफ से इस बयान पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार संबंध मजबूत हैं, लेकिन टैरिफ जैसे मुद्दों पर असहमति बनी हुई है।
भाजपा की तीखी प्रतिक्रिया: 'कांग्रेस की भारत विरोधी मानसिकता'
भाजपा ने चव्हाण के बयान को तुरंत पकड़ा और इसे विपक्ष की 'हताशा' का नतीजा बताया। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा, "कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण बेशर्मी से भारत की स्थिति की तुलना वेनेजुएला से कर रहे हैं। यह पूछकर कि 'क्या वेनेजुएला में जो हुआ वह भारत में हो सकता है', कांग्रेस अपनी भारत विरोधी मानसिकता स्पष्ट कर रही है।" भंडारी ने आगे आरोप लगाया कि कांग्रेस 'हर दिन एक नई गिरावट' पर उतर रही है। भाजपा का कहना है कि ऐसे बयान देश की संप्रभुता पर सवाल उठाते हैं और विपक्ष की मोदी विरोधी राजनीति को उजागर करते हैं।
यह पहली बार नहीं है जब भाजपा ने कांग्रेस पर 'भारत विरोधी' होने का आरोप लगाया हो। लोकसभा चुनावों के बाद से दोनों पार्टियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है।
एसपी वैद की आलोचना: 'देश का अपमान, शर्म क्यों नहीं आई?'
जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद (Jammu Kashmir Former DGP Shesh Paul Vaid ) ने भी चव्हाण के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने X पर एक वीडियो पोस्ट कर कहा, 'ट्रंप और अमेरिका ने वेनेजुएला के साथ जो किया, वह उनके लिए अपमानजनक है। क्या आप चाहते हैं कि आपके देश के साथ भी ऐसा ही हो? क्या आप मोदीजी से इतनी नफरत करते हैं?' वैद ने आगे पूछा कि चव्हाण को ऐसा बयान देने से पहले शर्म क्यों नहीं आई और क्या वे देशवासी नहीं हैं। वैद का कहना था कि कांग्रेस नेताओं में हताशा इतनी बढ़ गई है कि वे भारत विरोधी बयान दे रहे हैं। यह प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर वायरल हुई और हजारों लाइक्स मिले।
What Happened In Venezuela: क्या हुआ वेनेजुएला में ?
यह पूरा विवाद 3 जनवरी 2026 को अमेरिकी सेना के 'ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व' ('Operation Absolute Resolve') से शुरू हुआ। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिकी स्पेशल फोर्सेस ने वेनेजुएला की राजधानी काराकस पर हवाई हमले किए और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया। मादुरो पर अमेरिका में ड्रग तस्करी और आतंकवाद के आरोप हैं, और उन्हें न्यूयॉर्क की अदालत में पेश किया गया जहां उन्होंने दोषी नहीं माना।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका वेनेजुएला को 'सुरक्षित संक्रमण' तक चलाएगा और अमेरिकी तेल कंपनियां वहां काम करेंगी। इस कार्रवाई की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा हुई, कई देशों ने इसे संप्रभुता का उल्लंघन बताया।
भारत की आधिकारिक प्रतिक्रिया: 'गहरी चिंता' और शांतिपूर्ण समाधान की अपील
भारत ने वेनेजुएला पर अमेरिकी हमलों पर 'गहरी चिंता' जताई। विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि क्षेत्र में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए सभी पक्षों से शांतिपूर्ण बातचीत के माध्यम से मुद्दों को हल करने का आह्वान करता है। भारत ने किसी भी सैन्य हस्तक्षेप की निंदा की और वेनेजुएला की संप्रभुता का सम्मान करने की बात कही। यह स्टैंड भारत की विदेश नीति के अनुरूप है, जहां वह गैर-हस्तक्षेप और बहुपक्षीयवाद पर जोर देता है।












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