पूर्व CM पृथ्वीराज चव्हाण का दावा- आसानी से नहीं हो पाती राहुल गांधी से मुलाकात, 4 साल से नहीं मिला हूं
मुंबई, 02 जून: कांग्रेस नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा है कि वह पिछले चार वर्षों में वरिष्ठ नेता राहुल गांधी से नहीं मिल पाए हैं। पृथ्वीराज चव्हाण पार्टी में असंतुष्ट नेताओं के समूह के सदस्य हैं। पृथ्वीराज ने कहा कि हाल ही में उदयपुर में कांग्रेस के चिंतन शिविर का आयोजन हुआ था, लेकिन इसमें कोई चिंतन या आत्मनिरीक्षण नहीं हुआ। बताया जा रहा है कि चव्हाण पिछले काफी समय से नाराज चल रहे हैं।

टाइम्स ऑफ इंडिया के पॉडकास्ट में चव्हाण ने कहा, जब भी मैं दिल्ली में होता हूं डॉ.मनमोहन सिंह से कभी कभार मिलना हो जाता है। लेकिन उनका स्वास्थ्य अब वैसा नहीं है जैसा पहले था। वह हमेशा से आतिथ्य का भाव रखते आए हैं और बातचीत को तैयार रहते हैं। मैंने जब भी समय मांगा, सोनिया गांधी से भी मुलाकात हुई लेकिन लंबे समय से मैंने राहुल गांधी से मुलाकात नहीं की है....मेरे विचार से चार साल हो गए हैं उनसे मिले हुए। ऐसी शिकायत रहती है कि पार्टी नेतृत्व से मुलाकात सुलभ नहीं होती है जबकि यह होना चाहिए।
पूर्व केंद्रीय मंत्री चव्हाण नाराज नेताओं के समूह जी-23 के सदस्य हैं जो हाल के सालों में हुए चुनावों में पार्टी को मिली हार के मद्देनजर संगठन में सुधार करने की मांग करते रहे हैं। उदयपुर में हुई बैठक के बारे में चव्हाण ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने पार्टी के समक्ष मौजूद मुद्दों पर चर्चा करने के लिए चिंतन शिविर आयोजित करने पर सहमति जताई थी, लेकिन कोई जो राजा के प्रति अधिक निष्ठावान है ने तय किया कि चिंतन या आत्ममंथन की जरूरत नहीं है।
पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि, इसलिए, उदयपुर बैठक 'नव संकल्प शिविर' था। पार्टी ने महसूस किया कि पोस्टमार्टम की जरूरत नहीं है केवल भविष्य पर चर्चा की जरूरत है। ईमानदार आत्ममंथन करने की जरूरत है, जिम्मेदारी तय करने या लोगों को लटकाना नहीं, लेकिन यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि गलतियों को दोहराया नहीं जाए। असम और केरल विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी के प्रदर्शन पर विचार करने के लिए समिति गठित की गई थी। लेकिन समिति की रिपोर्ट को अलमारी में दफन कर दिया गया।
चव्हाण ने कहा कि हाल में पार्टी छोड़ने वाले कपिल सिब्बल का मानना था कि कांग्रेस नेतृत्व को ईमानदार सलाह नहीं मिल रही है और मनोनीत व्यक्ति वही सलाह दे सकता है जो नेतत्व को पसंद हो। उन्होंने कहा, अगर हम (प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी को वर्ष 2024 में हराना चाहते हैं, तो हमें आगामी 12 राज्यों की विधानसभा के लिए होने वाले चुनाव में बेहतर करना होगा। हमें समान विचार वाली पार्टियों के साथ बृहद गठबंधन करना होगा। चव्हाण ने कहा कि कांग्रेस अनुभवी लोगों और ऊर्जा से युक्त लोगों के बीच द्वंद्व को देख रही है लेकिन दोनों का मेल वांछित है।












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