Maharashtra Chunav 2024: महाराष्ट्र छोड़िए जनाब, "आमची मुंबई" में ही बुरी फंसी भाजपा
Maharashtra Chunav 2004: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 की तारीखों की घोषणा चुनाव आयोग अब कभी भी कर सकता है। भाजपा जो महाराष्ट्र चुनाव में अधिक से अकिध सीटों पर जीत हासिल कर सत्ता में वापसी करने के सपने संजाेए हुए है, उसकी मुसीबतें कम होने के बजाय बढ़ती नजर आ रही है।
महाराष्ट्र में सीटों के बंटवारे को लेकर अपनी सहयोगी पार्टियों से जूझ रही भाजपा के लिए मुंबई की सीटें बड़ी चुनौती साबित हो रही हैं क्योंकि मुंबई जिसकी 36 सीटें राज्य में सरकार बनाने में निर्णायक और अहम हैं, उसी "आमची मुंबई" में भाजपा बुरी तरह से फंसी तरह से फंसी हुई है।

भाजपा की मुंबई में मुसीबत बढ़ने की वजह कद्दावर नेता किरीट सोमैया की नाराजगी है। किरीट की नाराजगी की खबरों के बीच मुंबई की सीटों के टिकट के लिए भाजपा में कई नेताओं ने दावेदारी ठोंक दी है।
क्यों नाराज हुए किरीट?
मुंबई भाजपा कद्दावर नेता किरीट सोमैया ने सार्वजनिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ अपनी शिकायतें जाहिर की हैं। भाजपा ने किरीटी को अभियान समिति के समन्वयक के रूप में नियुक्त किया इसके बावजूद, उन्होंने असंतोष जताते हुए पद लेने से इनकार कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 2019 से पार्टी में दरकिनार किए जाने के कारण उनमें असंतोष है। 2024 के चुनावों के लिए टिकट मिलने की उनकी उम्मीदें तब धराशायी हो गईं जबकि सोमैया को पार्टी के भीतर एक सक्रिय राजनेता माना जाता है।
मुंबई सीटों के टिकट के मची होड़
मुंबई की सीटों को लेकर भाजपा में अंदरूनी कलह जग जाहिर हो चुकी है। उम्मीदवारों ने पहले ही कई सीटों पर दावा करना शुरू कर दिया है। भाजपा के करीबी सूत्रों के अनुसार, चार सीटों की पहचान की गई है, जहां पार्टी के दिग्गज एक-दूसरे के खिलाफ बगावत करने के लिए तैयार हैं। इन सीटों में बोरीवली, घाटर ईस्ट और विले पार्ले शामिल हैं।
भाजपा के इन नेताओं में छिड़ी जंग
जैसे पूर्व मंत्री आकाश मेहता घाटकोपर ईस्ट से चुनाव लड़ना चाहते हैं, जो मौजूदा विधायक पराग शाह को चुनौती देंगे, जिन्होंने 2019 में उनकी जगह ली थी। शुरुआत में चुप रहने के बावजूद, मेहता अब उम्मीदवारी के लिए एक मजबूत मामला बना रहे हैं, एक ऐसा परिदृश्य जो बोरीवल और विले-पार्ले में भी राजनीति की प्रतिस्पर्धी प्रकृति को दर्शाता है।
मुंबई की सीटों को लेकर महायुति गठबंधन में जंग
मुंबई में भाजपा के अलावा महायुति गठबंधन की सहयोगी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने भी उन सीटों पर दावा किया है, जिन पर भाजपा पहले चुनाव लड़ती रही है।
2019 में भाजपा ने मुंबई में जीती थी कितनी सीटें?
2019 में, भाजपा ने मुंबई की 36 सीटों में से 16 पर कब्ज़ा किया था, जबकि शेष सीटों पर उसकी तत्कालीन सहयोगी शिवसेना ने चुनाव लड़ा था। इस साल, इन 36 सीटों पर तीन पार्टियों के आने से, जिसमें अजय पवार का गुट भी शामिल है, उन सीटों पर दावा कर रहा है, जिन पर भाजपा पहले चुनाव लड़ती रही है, लड़ाई और तेज़ हो गई है। अगर अजित पवार के गुट की मांगों को पूरा किया जाता है, तो यह लड़ाई और भी तेज़ हो जाएगी।
2024 चुनाव: महायुति बनाम महा विकास अघाड़ी
2024 के अंत में होने वाले चुनावों में महाराष्ट्र विधानसभा की 288 सीटों पर भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन और कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच सीधा मुकाबला होने वाला है।












Click it and Unblock the Notifications