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महाराष्‍ट्र की शिंदे सरकार अनिल अंबानी के लिए बनीं "संकटमोचक", चुकाएगी बैंकों का करोड़ों रुपये का कर्ज!

Anil Ambani Reliance Infra: महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री एकनाथ शिंदे वाली महायुति सरकार ने मुंबई की सबसे पुरानी मेट्रो 1 को खरीदने से इनकार कर दिया है। लेकिन मंत्रीमंडल को शिंदे कैबिनेट ने एमएमआरडीए (MMRDA) की वर्किंग कमेटी को एक ऐसा आदेश जारी किया कि अचानक से अनिल अंबानी की रिलायंस इंफ्रा के शेयरों में शेयर बाजार में गिरावट के बावजूद 10 फीसदी की उछाल आ गया।

आइए जानते हैं आखिर महाराष्‍ट्र की सरकार के एकनाथ सिंदे के मंत्रीमंडलने ने ऐसा क्‍या आदेश दिया जिसकी वजह से कंगाली की कगार पर पहुंच चुके उद्योगपति अनिल अंबानी की किस्‍मत चमकने वाली है?

ANIL AMBANI AND EKNATH SHINDE

अनिल अंबानी के लिए संकटमोचन बनी शिंदे सरकार

दरअसल, महाराष्‍ट्र की शिंदे मंत्रिमंडल ने एमएमआरडीए की वर्किंग कमेटी को मुंबई मेट्रो वन प्राइवेट लिमिटेड (एमएमओपीएल) के 1,700 करोड़ रुपये के कर्ज का मूल्यांकन कर उसका निपटारा करने का निर्देश जारी किया है।

मुंबई Metro 1

बता दें मुंबई की मेट्रो 1 लाइन (Metro 1) का अध‍िग्रहण करने की योजना को जिसे शिंदे सरकार ने फिलहाल के लिए टाल दिया है वो मुंबई की सबसे पुरानी 11.4 किलोमीटर का मेट्रो कॉरिडोर है। वर्सोवा, अंधेरी और घाटकोपर को जोड़ने वाले इस मेट्रो लाइन पर हर दिन साढ़े चार लाख से अधिक यात्री सफर करते हैं।

अनिल अंबानी की रिलायंस इंफ्रा की हिस्‍सेदारी
मुंबई की इस मेट्रो लाइन है जिसे सरकार ने पब्लिक पार्टनरशिप के तहत बनाया था। जिसे सालों से अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस इंफ्रा प्रमोटिड स्‍पेशल पर्पज वीकल (SPV) मुंबई मेट्रो वन प्राइवेट लिमिटेड (MMOPL) चला रही है।एमएमआरडीए (MMRDA) के पास एमएमओपीएल का 26 प्रतिशत हिस्सा है, वहीं अनिल अंबानी की रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के पास 74 फीसदी हिस्सा है।

अचानक से शेयरों में आया उछाल

ये ही वजह है कि महाराष्‍ट्र की एकनाथ शिंदे सरकार के ये निर्णय लेते ही शेयर बाजार में गिरावट के बावजूद रिलायंस इंफ्रा के शेयरों में लगभग 10 प्रतिशत की उछाल आई और यह बीएसई पर 206.65 रुपये पर पहुंच गया।

कैबिनेट की बैठक में जानें क्‍या दिया गया निर्देश

बता दें 26 जून को कैबिनेट की बैठक में सरकार ने निर्देश दिया कि एमएमआरडीए की कार्यकारी समिति को लेनदारों के साथ एकमुश्त निपटान पर चर्चा करनी चाहिए। हालांकि 11 मार्च को राज्य कैबिनेट ने मेट्रो-1 में रिलायंस इंफ्रा की 74 फीसदी हिस्सेदारी एमएमआरडीए से 4,000 करोड़ रुपये में खरीदने को मंजूरी दे दी थी लेकिन एमएमआरडीए ने कहा उसके पास धन नहीं है और राज्‍य सरकार से वित्‍तीस सहायता मांगी थी लेकिन सरकार ने इनकार कर दिया था।

एमएमओपीएल पर 6 बैंकों का पैसा बकाया है

एमएमओपीएल पर छह बैंकों का पैसा बकाया है। जिसमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, आईडीबीआई बैंक, केनरा बैंक, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और आईआईएफसीएल (यूके) बैंक शामिल है। मार्च 2024 में, एमएमओपीएल ने इन ऋणदाताओं के साथ अपने ऋण का निपटान करने के लिए 1,700 करोड़ रुपये का भुगतान करने पर सहमति व्यक्त की। अब तक, एमएमआरडीए और एमएमओपीएल ने इस व्यवस्था के तहत लेनदारों को 171 करोड़ रुपये का भुगतान किया है।

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