क्या खतरे में है महाराष्ट्र की फडणवीस सरकार? Eknath Shinde ने नाराज होकर इस चुनाव से बनाई दूरी
Eknath Shinde news: महाराष्ट्र में नवगठित महायुति सरकार का गठन तो हो गया है लेकिन गठबंधन के अंदर चल रही आपसी तनातनी और नाराजगी खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है। एक बार फिर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नाराज होने की खबर सामने आई है।
एकनाथ शिंदे की नाराजगी की वजह राज्य विधानसभा अध्यक्ष पद के नामांकन को लेकर है। भाजपा के विधान परिषद सदस्य राम शिंदे ने इस पद के लिए नामांकन किया है। राम के नामांकन के कारण नाराज एकनाथ शिंदे ने विधान परिषद अध्यक्ष पद से दूरी बना ली है।

बता दें भाजपा के महाराष्ट्र विधानसभा परिषद के सदस्य राम शिंदे के नामांकन के समय महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री अजित पवार उपस्थित थे लेकिन डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे मौजूद नहीं थे। जिसके बाद ये दावा किया जा रहा है कि शिंदे भाजपा के इस फैसले से फिर नाराज हो गए हैं।
क्या चाहते हैं एकनाथ शिंदे?
सूत्रों के अनुसार एकनाथ शिंदे विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए अपनी शिवसेना पार्टी से उम्मीदवार चाहते थे। शिवसेना की ओर पार्टी के उपाध्यक्ष नीलम गोरे को संभावित उम्मीदवार माना जा रहा है लेकिन भाजपा ने अपनी पार्टी का उम्मीदवार इस पद के लिए उतारकर शिवसेना को एक बार फिर नाराज कर दिया है।
भाजपा ने चली ये चाल?
हाालांकि भाजपा ने विधानसभा में राम शिंदे को सोच-समझ कर उम्मीदवार बनाया है क्योंकि विधानपरिषद में भाजपा का बहुमत है, ऐसे में भाजपा विधान परिषद के अध्यक्ष पद पर अपना नेता बिठाकर महाराष्ट्र के दोनों सदनों में अपनी स्थिति मजबूत कर लेगी।
कौन हैं राम शिंदे?
भाजपा नेता राम शिंदे धनगर समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। राम शिंदे को विधानसभा परिषद का अध्यक्ष बनाकर भाजपा जताना चाहती है कि क्षेत्रीय और समाज के हर वर्ग को वरीयता देती है। राम शिंदे को 2019 और 2024 के विधानसभा चुनाव में एनसीपी के उम्मीदवार से हार का सामना करना पड़ा था लेकिन उन्हें एमएलसी बनाकर भाजपा में उनकी स्थिति मजबूत हो गई।












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