धाराशिव में 'महायुती' का पलड़ा भारी, शिंदे शिवसेना के अजित पिंगले ने पेश की दावेदारी
Maharashtra Assembly Election 2024: महाराष्ट्र की धाराशिव विधानसभा में मुख्य मुकाबला शिवसेना के दोनों गुटों के बीच ही होने की संभावना है। अंतिम दिन बगावतियों को मनाने में महायुती को सफलता मिली है। अब इस क्षेत्र में शिवसेना के अजित पिंगले और ठाकरे गुट के उम्मीदवार कैलास घाडगे पाटिल के बीच मुख्य मुकाबला होगा। महायुती सरकार के विकास कार्यों की वजह से इस बार घाडगे के लिए चुनाव मुश्किल हो सकते हैं।
बदले सियासी समीकरण
उद्धव ठाकरे गुट से धाराशिव के पूर्व नगराध्यक्ष मकरंद राजेनिंबालकर उम्मीदवार थे, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने निर्दलीय चुनावी पर्चा दाखिल किया था। अर्ज माघारी के अंतिम दिन उन्होंने अपना पर्चा वापस ले लिया। इसके अलावा महाविकास आघाडी के शरद पवार गुट के डॉ. प्रतापसिंह पाटील और संजय निंबाळकर ने भी निर्दलीय पर्चे दाखिल किए थे, लेकिन वे भी अंतिम समय में अपने पर्चे वापस ले चुके हैं।

अजित पिंगले का पलड़ा भारी
अजित पिंगले के पक्ष में माहौल बना, उनके विरोधी शिवसेना के सुरज साळुंके, सुधीर पाटील और शिवाजी कापसे ने भी निर्दलीय पर्चे दाखिल किए थे, लेकिन महायुती ने इनकी समझाइश की और तीनों ने अपने पर्चे वापस लेकर पिंगले को अपना समर्थन देने की घोषणा की। अब इस चुनाव में शिवसेना, भाजपा, अजित पवार गुट की राष्ट्रवादी पार्टी और रिपब्लिकन पार्टी भी पिंगले के प्रचार में जुट गई हैं। सभी पार्टियां मिलकर पिंगले का प्रचार कर रही हैं, जिससे उनका पलड़ा भारी होता दिख रहा है।
लाडकी बहीण योजना की सफलता
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शुक्रवार को धाराशिव सहित जिले के तीन स्थानों पर जनसभाएं होंगी। इन सभाओं का आयोजन शिवसेना के जिलाध्यक्ष सुरज साळुंके, तुळजापूर के उम्मीदवार राणा जगजितसिंग और धाराशिव के उम्मीदवार अजित पिंगले ने किया है। मुख्यमंत्री इस सभा में केवल विकास कार्यों पर बोलेंगे और महायुती सरकार द्वारा धाराशिव जिले में किए गए विकास कार्यों का लेखा-जोखा प्रस्तुत करेंगे। 'लाडकी बहिण योजना' जैसी योजनाओं को धाराशिव में शानदार प्रतिक्रिया मिली है, जिससे इस क्षेत्र में शिंदे गुट के उम्मीदवार का पलड़ा भारी होता दिख रहा है।
विकास कार्य जारी रखा
पिंगले की उमेदवारी ने महायुती को मजबूत किया है, क्योंकि वे पहले शिवसैनिक रह चुके हैं और भाजपा में शामिल होने के बाद भी उन्होंने विकास कार्यों को जारी रखा। उनके अच्छे संबंध स्थानीय शिवसेना नेताओं और पालकमंत्री तानाजी सावंत के साथ हैं। कलंब तालुका में उन्हें पहले भी अच्छा मताधिकार मिला है। अब महायुती के तीनों प्रमुख दल एकजुट होकर उनके प्रचार में जुटे हैं, जिससे उनके जीतने की संभावना बढ़ गई है।
धाराशिव जलापूर्ति योजना हो सकती है गेम चेंजर
धाराशिव शहर में पानी की समस्या हमेशा से रही है, और यहां पानी का आपूर्ति हर पांच-छह दिन में होती है। इस समस्या को हल करने के लिए महायुती सरकार ने 'अमृत-2 योजना' के तहत रुईभर और तेरणा डेम से इस क्षेत्र को जलापूर्ति करने की योजना बनाई है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इसके लिए 230 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है, जिससे धाराशिववासियों की पानी की समस्या हल होगी। यह मुद्दा चुनावी खेल को बदलने वाला हो सकता है।
भूसंपादन के बाद रेलवे मार्ग के लिए सरकार का बड़ा बजट
सोलापूर-तुळजापूर-उस्मानाबाद रेलवे मार्ग के लिए भूसंपादन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और इस प्रोजेक्ट के लिए सरकार ने 905 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है। इस मार्ग का निर्माण 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है। यह प्रोजेक्ट महायुती के लिए अहम साबित हो सकता है।
रास्तों और नालियों के निर्माण के लिए 140 करोड़ रुपये की मंजूरी
धाराशिव शहर में सड़क और नाली निर्माण के लिए महायुती सरकार ने 140 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इससे शहर की सड़कें बेहतर होंगी और सांडपानी की व्यवस्था भी सुधरेगी। पहले चरण में 140 करोड़ रुपये की राशि धाराशिव के लिए मंजूर की गई है, जबकि नळदूर्ग के लिए 97 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इस मुद्दे पर भी आगामी चुनावों में चर्चा हो सकती है।
कलंब के लिए भी 70 करोड़ रुपये का बजट
धाराशिव और कळंब में कई प्रमुख योजनाओं के लिए महायुती सरकार ने बड़े बजट की स्वीकृति दी है, जिसमें कलंब शहर के लिए 70 करोड़ रुपये का बजट शामिल है। इन योजनाओं में नए बस स्टैंड, कळंब नगर परिषद के लिए पानी आपूर्ति योजनाएं और धाराशिव में नए 500 बेड का अस्पताल भी शामिल है।
महायुती सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों और हजारों लाभार्थियों की मदद के कारण अब पिंगले का चुनावी पलड़ा भारी होता दिख रहा है। इन योजनाओं का चुनावी प्रचार में महत्वपूर्ण स्थान रहेगा, जिससे अजित पिंगले की जीत की संभावना मजबूत होती जा रही है।
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