'उद्धव को कभी तो इसका जवाब बालासाहेब ठाकरे को देना होगा..,' उर्दू में बैनर लगे देख देवेंद्र फडणवीस ने कसा तंज
देवेंद्र फडणवीस ने उद्धव ठाकरे की मालेगांव में रैली से पहले उर्दू में बैनर लगाए जाने पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि,'हम किसी मजहब के खिलाफ नहीं हैं, सिर्फ उनका विरोध करते हैं जो दूसरों को खुश करने की कोशिश कर रहे हैं।'

Maharashtra: लोकसभा चुनाव 2024 में अब महज एक साल का ही समय बचा है। ऐसे में सत्तापक्ष और विपक्ष में आरोप-प्रत्यारोप का दौर अपने चरम पर पहुंच गया है। बीजेपी विपक्ष को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रही है। इस बीच अब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उद्धव ठाकरे की आज मालेगांव में हुई रैली से पहले उर्दू में बैनर लगाए जाने के मुद्दे पर तंज कसा है। उन्होंने कहा है कि, हम केवल उनका विरोध करते हैं जो दूसरों को खुश करने की कोशिश कर रहे हैं जैसे वे (उद्धव गुट) कर रहे हैं। इसका जवाब उद्धव ठाकरे को कभी बालासाहेब ठाकरे को देना होगा।
रैली में उर्दू में बैनर लगने पर फडणवीस ने कसा तंज
डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि, 'उद्धव ठाकरे की आज मालेगांव में रैली थी और रैली से पहले उर्दू में बैनर लगाए गए थे। हम किसी मजहब के खिलाफ नहीं हैं, उर्दू भी एक भाषा है और हम इसके खिलाफ नहीं हैं। हम केवल उनका विरोध करते हैं जो दूसरों को खुश करने की कोशिश कर रहे हैं जैसे वे (उद्धव गुट) कर रहे हैं। इसका जवाब उद्धव ठाकरे को कभी बालासाहेब ठाकरे को देना होगा।
संजय राउत ने उर्दू में बैनर लगाए जाने पर दी ये दलील
उर्दू में बैनर लगाए जाने को लेकर संजय राउत ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि, 'देश में उर्दू पर पाबंदी लगी है क्या? उर्दू भारत की भाषा नहीं है क्या? जावेद अख्तर और गुलजार जैसे कई लेखक आज भी उर्दू में लिखते हैं। बालासाहेब ठाकरे किसी जाति, धर्म, भाषा के खिलाफ नहीं थे, जो देश के खिलाफ थे, वे बस उनके खिलाफ थे, जिनको नीतियों में बदलाव दिखाई दे रहा है। उन्होंने बालासाहेब ठाकरे को ठीक से नहीं समझा है।'
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दरअसल, 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले ठाकरे महाराष्ट्र के अलग-अलग इलाकों में बड़ी-बड़ी सभाएं कर रहे हैं। इस क्रम में उन्होंने आज, 26 मार्च को मालेगांव में रैली की। मालेगांव की इस रैली में मुस्लिम वोट बैंक को लुभाने और अधिक से अधिक वोटर्स को अपने पाले में लाने के लिए उर्दू में बैनर लगाए गए। उर्दू में छपे ये बैनर्स मालेगांव के सभी चौक-चौराहों पर लगाए गए हैं, जिसको लेकर अब चर्चा का बाजार गर्म है।
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