देवेंद्र फडणवीस ने मराठा आरक्षण की मांग को लेकर भूख हड़ताल कर रहे मनोज जरांगे से हड़ताल छोड़ने की अपील
महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव 2024 से पहले एक बार फिर माराठा आरक्षण को तूल पकड़ चुका है। ओबीसी कैटेगरी के तहत मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मराठा आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पांच दिनों से भूख हड़ताल पर हैं।
वहीं अब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कार्यकर्ता मनोज जरांगे से अपनी भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की। फडणवीस ने ऐलान किया कि महाराष्ट्र राज्य सरकार ने पिछले साल मराठा समुदाय के आंदोलन के दौरान दर्ज कुछ आपराधिक मामलों को वापस लेना शुरू कर दिया है।

डिप्टी सीएम फडणवीस ने कहा "सरकार उनके अनशन को गंभीरता से ले रही है और मामले वापस लेने की प्रक्रिया चल रही है। राज्य ने पहली अधिसूचना जारी कर दी है और इस पर तेजी से काम कर रही है।
जरांगे की मुख्य मांग है थ्क् मराठों को आवश्यक दस्तावेजों के साथ कुनबी प्रमाण पत्र प्रदान किया जाए इसके संबंध में देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि वह ओबीसी नेताओं के साथ बातचीत कर रहे हैं।
बत दें महाराष्ट्र का कुनबी समुदाय, एक कृषि प्रधान समूह है, इस समुदाय के लोग खेती से अपना जीवन-याप न करते हैं वो ओबीसी श्रेणी में आता है।
वहीं महाराष्ट्र सरकार के वरिष्ठ मंत्री छगन भुजबल सहित ओबीसी नेता मराठों को ओबीसी आरक्षण का लाभ दिए जाने का विरोध कर रहे हैं।इसके साथ ही फडणवीस ने कहा मैं छगन भुजबल से परामर्श करूंगा और आवश्यक दस्तावेज रखने वालों के लिए ओबीसी या कुनबी प्रमाण पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया क्या होगी इसको स्पष्ठ जल्द करूंगा।
उन्होंने कहा हमारी सरकार ओबीसी के लिए निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"
पत्रकारों से इस मुद्दे पर बात करते हुए डिप्टी सीएम ने कहा "मैं मनोज जरांगे से अपना अनशन समाप्त करने का आग्रह करता हूं। राज्य हमेशा से मराठों के लिए आरक्षण का समर्थन करता रहा है।"
मराठा समुदाय की आरक्षण की मांग को लेकर बढ़ते तनाव के बीच महाराष्ट्र के उपमुख्यमंंत्री देवेंद्र फडणवीस का बयान आया है। उन्होंने साफ किया कि सरकार पर इस मुद्दे को निष्पक्ष तरीके से सुलझाने और अन्य समुदायों के हितों को संतुलित करने का दबाव है।












Click it and Unblock the Notifications