महराष्ट्र डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने उपभोक्ताओं को दी बड़ी राहत, घरों में नहीं लगेगा स्मार्ट मीटर
Maharashtra electricity smart meter: महाराष्ट्र सरकार के अंतर्गत आने वाली विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (एमएसईडीसीएल) ने बिजली उपभोक्ताओं को खपत पर नियंत्रण देने के लिए राज्य भर में प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने की योजना लागू की।
वहीं अब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस योजना में बड़ा संसोधन करते हुए आम उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार ने एक अहम कदम उठाते हुए घरों में स्मार्ट मीटर नहीं लगाने का फैसला किया है। इससे उन कई बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिली है जो इन उपकरणों से जुड़ी संभावित समस्याओं को लेकर चिंतित थे।

राज्य सरकार का निर्णय
महाराष्ट्र सरकार ने आवासीय क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर लगाने का काम आगे न बढ़ाने का फैसला किया है। यह फैसला विभिन्न कारणों ओर जनता से मिली प्रतिक्रिया पर विचार करने के बाद लिया गया है। बता दें कई निवासियों ने स्मार्ट मीटर की सटीकता और विश्वसनीयता को लेकर चिंता व्यक्त की थी।
उपमुख्यमंत्री फडणवीस और ऊर्जा मंत्री नितिन राउत ने कहा "हमने घरों में स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक लगाने का फैसला किया है। यह फैसला उपभोक्ताओं और विशेषज्ञों से मिली प्रतिक्रिया के आधार पर लिया गया है।सरकार का लक्ष्य किसी भी नई तकनीक के साथ आगे बढ़ने से पहले इन चिंताओं को दूर करना है।
उपभोक्ता क्यों नहीं लगवाना चाहते थे ये स्मार्ट मीटर
कई बिजली उपभोक्ता स्मार्ट मीटर की संभावित अशुद्धियों के बारे में चिंतित थे। उन्हें डर था कि इन उपकरणों की वजह से रीडिंग में गड़बड़ी के कारण बिल ज़्यादा आ सकता है। इसके अलावा, स्मार्ट मीटर से जुड़ी डेटा गोपनीयता और सुरक्षा को लेकर भी चिंताएँ थीं।
क्या होता है ये स्मार्ट मीटर?
इस मीटर की खासियत है कि स्मार्ट मीटर से बिजली उपभोक्ताओं को हर मिनट अपने मोबाइल फोन पर अपनी बिजली के बारे में जानकारी मिलेगी। इलेक्ट्रिक स्मार्ट मीटर या प्रीपेड मीटर सटीक शुल्क उपायों, बिजली की नियमित जानकारी और लागत पर नियंत्रण के कारण ग्राहकों के लिए वरदान हैं।












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