शिवसेना की कमान मिलने पर एकनाथ शिंदे बोले- बालासाहेब और आनंद दिघे की विचारधारा की जीत
बालासाहेबांची शिवसेना को पुरानी पहचान मिलने पर सीएम शिंदे ने खुशी जाहिर की। उन्होंने बालासाहेब ठाकरे, आनंद दिघे की विचारधाराओं की जीत बताया है।

शिवसेना के दोनों धड़ों के अलग होने के बाद फ्रीज किए गए शिवसेना के चिन्ह और नाम पर चुनाव आयोग ने निर्णय ले लिया है। शिवसेना के दूसरे धड़े ने इस पर आपत्ति जताई है। तो वहीं शिंदे गुट ने आयोग के इस फैसले का स्वागत किया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने चुनाव आयोग के निर्णय को बालासाहेब और आनंद दिघे की विचारधाराओं और लाखों शिवसैनिकों को विचारधारा का जीत बताया।
निर्वाचन आयोग ने शिंदे गुट को शिवसेना की पुरानी पहचान और चुनाव चिन्ह 'धनुष और तीर' दे दिया है। आयोग के इस निर्णय पर सीएम शिंदे ने पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, "यह हमारे कार्यकर्ताओं, सांसदों, विधायकों, जनप्रतिनिधियों और लाखों शिवसैनिकों की बालासाहेब और आनंद दीघे की विचारधाराओं की जीत है। यह लोकतंत्र की जीत है।"
डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने शिंदे गुट को बधाई दी है। उन्होंने कहा शिंदे गुट को बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा पर चलने वाली पार्टी बताया। उपमुख्यमंत्री ने कहा, "बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा पर चलने वाली शिवसेना सीएम शिंदे की शिवसेना मूल शिवसेना बन गई है। उन्हें मेरा नमस्कार। हम पहले दिन से ही आश्वस्त थे क्योंकि यदि आप विभिन्न दलों पर चुनाव आयोग के पहले के आदेशों को देखें, तो वे एक जैसे फैसले थे"।
वहीं दूसरी ओर चुनाव आयोग इस फैसले पर महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा कि आयोग की सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से पहले ये फैसला नहीं करना चाहिए था। संजय राऊत ने भी इस आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि हमें चिंता करने की जरूरत नहीं है। जनता हमारे साथ है। इस मुद्दे को लेकर जनता की अदालत में जाएंगे। वहीं उद्धव ठाकरे गुट के नेता आनंद दुबे ने कहा कि हमें जिस बात का अंदेशा था वही हुआ। हम पहले भी कह रहे थे कि हमें चुनाव आयोग पर भरोसा नहीं है। मला सुप्रीम कोर्ट के विचाराधीन है फिर भी इस पर चुनाव आयोग जल्दबाजी दिखाई।
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