Badlapur Case: 'नाबालिग लड़कियों के साथ कई बार हुआ दुराचार, फट गई थी हाइमन भी', जांच टीम की रिपोर्ट
Badlapur Case Update: महाराष्ट्र स्थित ठाणे जिले के बदलापुर में दो नाबालिग लड़कियों से हुए यौन उत्पीड़न मामले में चौंकाने वाले खुलासे शुक्रवार को हुए हैं। मामले से निपटने के तरीके और स्कूल प्रशासन की भूमिका पर गंभीर चिंताएं पैदा हुई हैं।
सूत्रों के अनुसार, बदलापुर मामले पर राज्य द्वारा नियुक्त दो सदस्यीय समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा गया है कि दर्दनाक हादसे में तीन और चार साल की दो नाबालिग लड़कियों की योनिच्छद(हाइमन) फट गई थी और पिछले पंद्रह दिनों में उन पर कई बार हमला किया गया।

स्कूल ने घटना दबाने की कोशिश की
महाराष्ट्र के ठाणे जिले में स्कूल में दो लड़कियों के साथ यौन उत्पीड़न की घटना से आक्रोश फैल गया है। स्कूल प्रशासन और पुलिस मामले से निपटने के तरीके को लेकर कड़ी जांच के घेरे में हैं। पैनल की रिपोर्ट के निष्कर्षों ने मामले के संचालन और स्कूल प्रशासन की भूमिका के बारे में भी गंभीर चिंताएं जताई हैं।
रिपोर्ट में स्कूल प्रशासन की स्थिति पर प्रतिक्रिया में गंभीर कमियों की ओर इशारा किया गया है। सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट में कहा गया है कि स्कूल ने घटना की सूचना देने में देरी की, जबकि प्रिंसिपल ने 14 अगस्त को ट्रस्टी को सूचित किया। हालांकि, शिकायत के बाद भी स्कूल प्रशासन ने अभिभावकों से मुलाकात नहीं की। इसके अतिरिक्त, रिपोर्ट में बताया गया है कि जिस अस्पताल में लड़कियों का इलाज किया गया था, वहां चिकित्सा देखभाल उपलब्ध कराने में 12 घंटे का समय लगा।
1 अगस्त से आरोपी स्कूल में कर रहा था काम
रिपोर्ट में कहा गया है कि आरोपी अक्षय शिंदे ने 1 अगस्त को स्कूल में संविदा कर्मचारी के तौर पर काम करना शुरू किया था। स्कूल ने बिना छानबीन के उसे काम पर रखा था। सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट में महिला शौचालयों सहित स्कूल के सभी क्षेत्रों में उसकी बेरोकटोक पहुंच और पहचान पत्र न होने को बड़ी चूक के तौर पर उजागर किया गया है।
रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि अक्षय शिंदे एक आदतन अपराधी हो सकता है और इस बात की आगे जांच की आवश्यकता है कि क्या उसकी नियुक्ति किसी आउटसोर्स एजेंसी या सिफारिशों से प्रभावित थी। सूत्रों ने बताया कि रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि स्कूल का शौचालय एकांत स्थान पर है, जो स्टाफ रूम से काफी दूर है और वहां सुरक्षा के लिए कोई उचित सीसीटीवी नहीं लगाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, जांच अधिकारी ने माता-पिता से पूछा कि क्या लड़कियां दो घंटे से साइकिल चला रही थीं, जिससे ऐसे नाजुक मामलों को संभालने में संवेदनशीलता और समझ की कमी का पता चलता है।
क्या है पूरा मामला?
11 और 12 अगस्त के दरम्यान महाराष्ट्र स्थित ठाणे जिले के बदलापुर में एक स्कूल के अंदर एक सफाईकर्मी ने दो नाबालिग लड़कियों का यौन उत्पीड़न किया, जिसके परिणामस्वरूप क्षेत्र में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए, जिससे 10 घंटे से अधिक समय तक ट्रेन सेवाएं बाधित रहीं।












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