'पोस्टर पर क्यों जूते मार रहे, हिम्मत हैं तो सामने आओ फिर मैं...', MVA के आंदोलन पर भड़के अजित पवार
Maharashtra Politics News: महाराष्ट्र के सिंधदुर्ग के राजकोट किले में छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति ढहने के बाद राज्य की एकनाथ शिंदे सरकार विपक्ष के निशाने पर है। मूर्ति ढहने के मुद्दें को लेकर विपक्षी महाविकास महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के नेताओं ने 'जूता मारो आंदोलन' किया। विपक्षी नेताओं ने सीएम एकनाथ शिंदे और डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस,अजित पवार के पोस्टर पर जूते मारकर गुस्सा जताया।
एमवीए के विरोध-प्रदर्शन के इस तरीके पर महाराट्र के उपमुख्यमंत्री भड़क उठे और उन्होंने विपक्षी गठबंधन को करारा जवाब दिया है। सोमवार को बारामती में जन सम्मान यात्रा के दौरान इस मुद्दें पर प्रतिक्रिया व्यक्त की।

उपमुख्यमंत्री और एनसीपी अध्यक्ष अजित पवार ने कहा शिवाजी महाराज की मूर्ति की मूर्ति नहीं गिरनी चाहिए थी, इसके लिए "मैंने, सीएम एकनाथ शिंदे, डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही इसके लिए माफी मांग चुके हैं।"
विपक्ष इस मामले को बेवजह तूल दे रहा है
इसके साथ ही उन्होंने कहा हमारी सरकार और नौसेना इस मामले की जांच कर रहे हैं। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अजित पवार ने विपक्ष पर घटना का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाते हुए कहा विपक्ष इस मामले को बेवजह तूल दे रहा है।
MVA के 'जूता मारो आंदोलन' पर क्या बोले अजित पवार
अजित पवार ने उद्धव ठाकरे का नाम लिए बिना चुनौती दी कि जिन लोगों ने मेरे खिलाफ जूते मारो आंदोलन किया अगर विपक्षी नेताओं में हिम्मत है, तो सामने आए। मैं भी देखता हूं कि वह कैसे जूता मारते हैं"।
उद्धव ठाकरे ने शिंदे के पोस्ट पर मारे जूते
बता दें रविवार को शिवसेना यूबीटी के प्रमुख उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की तस्वीर वाले बैनर पर हाथ और जूते मारते हुए नजर आए थे। इसके अलावा 'जूता मारो आंदोलन' में विरोध प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं ने सीएम शिंदे और डिप्टी सीएम फडणवीस और पवार के पोस्टरों पर चप्पलों से हमला करते देखा गया।












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