प्रफुल्ल पटेल की कैबिनेट में एंट्री पर फैसला नहीं, भुजबल नाराज, जानिए NCP में घमासान की बड़ी वजह
एडीए के घटक दलों में अजित पवार का गुट यानी एनसीपी भी शामिल है। लेकिन इस दल के नेताओं की नाराजगी पार्टी के भीतर घमासान की वजह बन रही है। एनसीपी में ये स्थिति दो सीनियर नेता प्रफुल्ल पटेल और छगन भुजबल के बीच कैबिनेट मंत्री के पद को लेकर है। दरअसल, ये दोनों नेता अपनी- अपनी मांगों को लेकर अड़े हैं।
मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल लिए मंत्रिमंडल का गठन हो चुका है। इस बीच मंत्री पद को लेकर मतभेद अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी में सामने आया है। दरअसल, एनसीपी के खाते में एक मंत्री पद गया है, जिसे लेकर पार्टी के बीच घमासान मचा हुआ है। पार्टी के दो सीनियर नेताओं प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे ने मोदी सरकार 3.0 में एनसीपी को मिल रहे कैबिनेट मंत्री के पद पर दावा ठोंका है। ये दोनों नेता अपनी दावेदारी से पीछे हटने को लेकर तैयार नहीं है।

छगन भुजबल ने क्या कहा?
एनसीपी ने अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को राज्यसभा भेजने का फैसला किया है। इसके लिए नामांकन भी भर दिया है। वहीं दूसरी ओर पार्टी के इस फैसले पर एनसीपी के सीनियर नेता छगन भुजबल नाराज दिख रहे हैं। हालांकि अब पार्टी ने 'सर्वसहमति' से सुनेत्रा पवार को राज्यसभा भेजने का फैसला लिया गया है।
वहीं बीजेपी ने इस विवाद में पड़ने से किनारा कर लिया है। एनसीपी विधायक सुनील तटकरे का कहना है कि वह इस बार पार्टी के चुने गए इकलौते सांसद हैं। इसलिए कैबिनेट मंत्री का पद उन्हें मिलना चाहिए। जबकि प्रफुल्ल पटेल ने दावा है कि कैबिनेट मंत्री का पद उन्हें मिलना चाहिए। बता दें कि 6 बार के राज्यसभा सांसद हैं। तटकरे और पटेल दोनों की दावेदारी के बीच बीजेपी ने दूरी बना ली है। बीजेपी इसे एनसीपी का आंतरिक मामला बता रही है।












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