जल संसाधन विभाग ने cwc को भेज दी बांधों की गलत जानकारी , दिल्ली से जारी हो गया अलर्ट!
जल संसाधन विभाग सागर सहित विदिशा, नर्मदापुर के डेम से जुड़ी जानकारी सेंट्रल के पोर्टल पर गलत डाल दी गई है। सीडब्ल्यूसी ने रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए इन तीन दशक से अधिक पुराने डेम के ढहने का अलर्ट जारी कर दिया।

जल संसाधन विभाग मप्र के सागर, विदिशा और नर्मदापुरम में तीन बांधों को लेकर बीते दिनों दिल्ली से केंद्रीय जल आयोग सीडब्ल्यूसी ने एक रिपोर्ट भेजकर अलर्ट दिया है। दरअसल इन बांधों को खतरनाक स्थिति में बताया गया है, जिनमें दरारें और पानी रिसाव से बांध के फूटने का खतरा बताया गया है। जबकि हकीकत में ऐसा कुछ नहीं हैं। पड़ताल करने पर पता चला कि तीनों जिलों के कम्प्यूटर आपरेटरों ने इन डेम की जानकारी को गलत कैटेगिरी में डाल दिया, जिसे सही मानते हुए सीडब्ल्यूसी ने अलर्ट जारी कर मरम्मत की बात कही है।
सेंट्रल वाटर कमीशन दिल्ली से मप्र जल संसाधन विभाग को जो अलर्ट भेजा गया है, उसमें सागर के नयाखेरा टैंक बांध को काफी गंभीर स्थिति में बताया गया है। डेम में के ढहने तक का खतरा बताया गया है। वन इंडिया ने जब अधिकारियों से जानकारी ली तो पता चला कि शहर के निकट दमोह रोड पर बहेरिया के आगे एक छोटे से तालाब पर नयाखेरा टैंक बांध बना था। ताज्जुब की बात यह करीब 10 से 15 साल से भरा ही नहीं जाता है। पास में ही क्रेशर संचालित हो रहे हैं, जिस कारण तालाब और डेम के आसपास के इलाके में खाई नुमा गड्ढे बन गए हैं। बांध में पानी का भराव ही नहीं होता है। नयाखेरा बांध सिर्फ आसपास के 40 हेम्क्टेयर में सिंचाई क्षमता के लिए बनाया गया था।
पोर्टल पर तीन नंबर कैटेगिरी के बजाय फर्स्ट कैटेरिगी में डाल दिया
जल संसाधन विभाग सागर के अधिकारियों के मुताबिक उनके कम्प्यूटर आपरेटर की गलती के कारण नयाखेरा डेम की गलत कैटेगिरी सिलेक्ट हो गई थी। तीसरे के बजाय पहले नंबर की कैटेरिगी में रिपोर्ट चली गई थी। पहली कैटेगिरी में गंभीर और पुराने बांधों को शामिल किया जाता है, जो दरारों, रिसाव व कभी भी बहने की स्थिति में आ जाते हैं। जबकि तीसरी कैटेगिरी सामान्य डेम की होती है।
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इन बांधों को लेकर जारी हुआ था अलर्ट
विभागीय जानकारी अनुसार सेंट्रल वाटर कमीशन ने मध्य प्रदेश शासन को एक रिपोर्ट भेजी है, जिसके बाद जल संसाधन विभाग में हड़कंप बन गया था। इनमें cwc ने नर्मदापुरम के खेरीपुरा बांध, विदिशा के सम्राट अशोक सागर बांध और सागर के नयाखेरा टैंक बांध को बारिश में ढहने का खतरा बताया है। रिपोर्ट के बाद विभाग ने जैसे ही यह रिपोर्ट संबंधित विभागों को भेजी तो हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने जब जिलों में यह रिपोर्ट भेजी तो पता चला कि कई जगह से गलती से गलत रिपोर्ट सबमिट हो गई।
आनलाइन में गलत कैटेगिरी में डाल दिया, पोर्टल पर सुधरवा रहे हैं
cwc से सागर के जिस नयाखेरा टैंक बांध को लेकर खतरा बताते हुए तत्काल मरम्मत की जरुरत बताई है वह बांध बहुत छोटा सा है। 15 साल से उसमें पानी नहीं भरा है। आसपास खनन के कारण वह वैसे भी भर नहीं पाता है। इस बांध की जानकारी आनलाइन पोर्टल पर गलती से प्रथम कैटेरिगी में चली गई थी, इस कारण अलर्ट आया है। हम पोर्टल पर इसके सुधरवा रहे हैं।
- मयंक गंगेले, एसडीओ, जल संसाधन विभाग, सागर












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