MP Lok Sabha Chunav Voting: वोटिंग घटी- बढ़ी टेंशन, पांच बार मतदान घटा, चार बार सरकार बदली
Madhya Pradesh Lok Sabha Election Voting 2024: लोकसभा चुनाव के लिए पहले और दूसरे चरण का मतदान पूरा हो गया है। इस बीच कम वोटिंग टर्न आउट या कम वोटिंग ट्रेंड को लेकर सियासी गुणा गणित का दौर शुरू हो चुका है। 19 अप्रैल को 21 राज्यों की 102 सीटों पर वोटिंग हुई पहले फेज की वोटिंग में करीब 64% वोट पड़े, जबकि इन्हीं सीटों पर 2019 के चुनाव में 66.44% मतदान हुआ था।
बात की जाए 26 अप्रैल को तो 13 राज्यों की 88 सीटों पर मतदान हुआ। दूसरे चरण में 68.49 प्रतिशत मतदाताओं ने ही अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। जबकि 2019 में इन्हीं सीटों पर 70.05% लोगों ने बढ़-चढ़कर वोट किया था।

एमपी: दूसरे चरण में 2019 के मुकाबले 9% कम वोटिंग
मध्य प्रदेश में पहले चरण में 67.75 प्रतिशत औसत वोटिंग हुई है। जो साल 2019 के मुकाबले में 7.48 प्रतिशत कम है। वहीं दूसरे चरण में 58.26 प्रतिशत रहा। साल 2019 में इन सीटों पर 67.65 फीसदी मतदान हुआ था। यानी इस साल पिछले चुनाव के मुकाबले 9.39 फीसदी मतदान कम हुआ है। इस बार सर्वाधिक मतदान होशंगाबाद सीट की पिपरिया विधानसभा में 72.10% नोट किया गया है। वही रीवा लोकसभा के देवतालाब विधानसभा सीट पर सबसे कम 45.71 फीसदी मतदान दर्ज किया गया।
पांच बार मतदान घटा चार बार बदली सरकार
काम वोटिंग ट्रेंड को लेकर लोक नीति CSDS के को डायरेक्टर संजय कुमार झा ने बताया कि वोटरों के लिहाज से देखे तो कम वोटिंग टर्न आउट अच्छी खबर नहीं है। इससे समझ में आता है कि लोकसभा चुनाव को लेकर वोटरों में कुछ उदासीनता है। अगर हम 2019 के आम चुनाव से तुलना करें तो उदासीनता साफ दिखाई पड़ती है। कम वोटिंग से किसे इलेक्टोरल गेन मिलेगा और किसका लॉस होगा, वास्तव में इसका कोई हिसाब नहीं होता है। कई बार वोटिंग टर्न आउट गिरता है फिर भी सरकारी जीत कर केंद्र में आती हैं कई बार वोटिंग टर्न आउट कम होने से सरकारी हारती भी है बीते 17 लोकसभा चुनाव में वोटिंग ट्रेंड देखें तो पांच बार मतदान घटा तो चार बार सरकार बदल गई और सात बार मतदान बढ़ा तो चार बार सरकार बदली।
मध्य प्रदेश में कम वोटिंग से किसे फायदा
मध्य प्रदेश के कुछ राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कम वोटिंग से कांग्रेस को कुछ सीटों पर लाभ हो सकता है। रीवा में सबसे कम वोटिंग हुई है यहां पर भाजपा के जनार्दन मिश्रा और कांग्रेस की नीलम मिश्रा के बीच मुकाबला है। वही होशंगाबाद सीट पर भाजपा के दर्शन सिंह चौधरी और कांग्रेस के संजय शर्मा के बीच मुकाबला है। दोनों ही जगहों पर भाजपा के ही सिटिंग विधायक है। वोटिंग घटना रूलिंग पार्टी के लिए नेगेटिव इशारा, ऐसे में काम वोटिंग बीजेपी के लिए टेंशन बढ़ा सकती है।












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