पंचायत चुनाव मप्र : रीवा में 14 गांवों के लोगों की डिमांड, हेलीकॉप्टर की व्यवस्था होगी तभी जाएंगे वोट देने
रीवा, 17 जून। मध्य प्रदेश में पंचायत चुनाव 2022 की तैयारियां चल रही है। गांव-ढाणी में हर तरफ चुनाव प्रचार किया जा रहा है। मतदान तीन चरण में 25 जून, एक जुलाई व आठ जुलाई को होगी। इस पहले बरसात के मौसम में उम्मीदवार मतदाताओं से वादों की झड़ी लगा रहे हैं। मतदाता भी अपनी समस्या के समाधान की मांग करने से नहीं चूक रहे। मतदान बहिष्कार तक की बात कर रहे हैं।

ऐसा मामला मध्य प्रदेश के रीवा जिले में सामने आया है। यहां पर 14 गांवों के लोग कई दशक से सड़क की समस्या से जूझ रहे हैं। मध्य प्रदेश पंचायत चुनाव 2022 में यहां के मतदाताओं ने मांग रख दी है कि अगर प्रशासन उनके लिए हेलिकॉप्टर की व्यवस्था करेगा तभी वे वोट डालने केंद्र तक जाएंगे। वरना चुनाव में मतदान का बहिष्कार करेंगे।
बता दें कि रीवा जिले के गंगेव जनपद क्षेत्र अंतर्गत 14 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण इन दिनों सड़क की समस्या से परेशान हैं। इसको लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया, लेकिन सरकार की तरफ से कोई बात नहीं बनी. इस मामले पर अब उन्होंने राज्य निर्वाचन आयोग से कहा है कि अगर गांव में सड़क की समस्या को दूर नहीं किया गया तो वह मतदान नहीं करेंगे।
यहां की सेदहा ग्राम पंचायत में ग्रामीणों ने 'सड़क नहीं तो वोट नहीं' का नया नारा दिया है। समस्या ये है कि सेदहा ग्राम पंचायत में आजादी के 75 वर्ष बीत जाने के बावजूद अब तक सड़क की समस्या बनी हुई है। इसके कारण ग्रामीणों ने इन त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में वोट न करने का फैसला किया है।
ग्रामीणों ने बताया कि सारी जानकारी होने के बावजूद प्रशासन ने बारिश के मौसम में भी यहां पंचायत चुनाव का पोलिंग बूथ नियुक्त कर दिया है। जबकि खस्ताहाल सड़क के कारण मतदान केंद्र तक पहुंचना मुश्किल है। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को कई बार समस्या से अवगत करवाया, मगर समाधान नहीं हो रहा।












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