MP: बुंदेलखंड की अयोध्या ओरछा में अब पर्यटन सस्ता, देशी-विदेशी सैलानियों को कम शुल्क देना होगा
सागर, 24 जुलाई। मप्र की अयोध्या के नाम से प्रसिद्ध विश्व विख्यात श्री रामराजा सरकार की नगरी ओरछा में अब पर्यटन सस्ता कर दिया गया है। तीन महीने पहले सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति विभाग द्वारा पर्यटन शुल्क में की गई बढोत्तरी को वापस लेते हुए नई दरें तय की गई हैं। इसमें एक ही टिकट पर अब सारे स्मारक का दीदार किया जा सकेगा।

ओरछा में देश-विदेश से बड़ी संख्या में सैलानी आते हैं। यहां सैलानियों से ही स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध होता है। यहां श्री रामराजा सरकार के दर्शनों के लिए देशभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। कुछ महीनों पहले पर्यटन एवं संस्कृति विभाग ने पर्यटन स्थलों में प्रवेश शुल्क बढ़ा दिया था, जिससे यहां के पर्यटन पर बुरा असर पडऩे लगा। पर्यटकों की संख्या घटने से यहां के गाइड व अन्य व्यापारियों का व्यापार प्रभावित होने लगा। जिसके चलते शुल्क वृद्धि का विरोध शुरू हो गया। जिसके चलते संस्कृति विभाग ने ओरछा में पर्यटकों के स्मारकों में प्रवेश के लिए की गई शुल्क बढ़ोत्तरी को वापस ले लिया गया है। उल्लेखनीय है कि गाइड एसोसिएशन ने मुखर होकर शुल्क बढोत्तरी का विरोध किया था, विभाग के प्रमुख सचिव से मिलकर बढी रहें वापस लेने की मांग की थी।

यह नई दरें तय की गई हैं
ओरछा में पर्यटकों के लिए ऐतिहासिक स्मारकों को देखने के लिए नई दरें निर्धारित की गई हैं, उनमें अब संग्रहालयों एवं संरक्षित स्मारकों के लिए भारतीय दर्शकों को 50 रुपए और विदेशी पर्यटकों को 750 रुपए देना होंगे, यह शुल्क लागू कर दिया गया है। अब नए शुल्क के हिसाब से 5 स्मारकों का भ्रमण करने के लिए भारतीय दर्शकों को 50 रुपए और विदेशी पर्यटकों को 750 रुपए देना होंगे।
देशी विदेशी पर्यटकों को एक ही टिकट लेना होगा, यहां घूम सकेंगे
ओरछा के जहांगीर महल समूह जिसमें ऊंट खाना, रायप्रवीण महल, हमाम खाना, तीनदासी शिव मंदिर, वनवासी मंदिर, राधिका बिहारी मंदिर, सिद्ध बाबा, यज्ञशाला पंचमुखी महादेव मंदिर और हाथी खाना शामिल हैं। इसके अलावा राजा महल समूह जिसमें तोपखाना, बारूद खाना, हम्मा हमीर की कोठी, प्राचीन मंदिर, तामीरात की कोठी, बक्सराय की कोठी, दरोगा की कोठी, पुरुषोत्तम दास की कोठी, ओझा की कोठी, इंद्रजीत का अखाड़ा, रायमन दाउ की कोठी, श्याम दाउ एवं रसाल दाउ की कोठी शामिल है। वहीं चतुर्भुज मंदिर समूह जिसमें सीतामढ़ी मंदिर, राधिका रमण मंदिर, दीवान का महल शामिल है। इसके अलावा लक्ष्मी मंदिर एवं सुंदर शाह महल के साथ-साथ छतरी समूह बेतवा नदी के किनारे स्थित समूह के लिए शुल्क निर्धारित किए गए हैं।












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