मुख्यमंत्री कन्यादान योजना पर लगा आचार संहिता का ग्रहण
नगरीय निकाय चुनाव की आचार संहिता लागू होने से गुना में नगर पालिका द्वारा आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन किए गए निरस्त, कई बेटियों की रुकी शादी
गुना, 2 जून। अब तक तो आपने ऐसे मामले सुने होंगे कि दहेज की वजह से बिटिया की शादी नहीं हो पाई, लेकिन आप ये जानकर हैरान रह जाएंगे कि गुना में चुनाव की वजह से कई बेटियों के हाथ पीले होने से रह गए। इस बात की पीड़ा हर उस बेटी के मां-बाप को है जिसके हाथ मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत आयोजित होने वाले विवाह सम्मेलन में पीले होने वाले थे।

6 जून और 9 जून को आयोजित होने जा रहा था मुख्यमंत्री कन्यादान योजना का सामूहिक विवाह सम्मेलन
गुना के राघौगढ़ और मधुसूदनगढ़ में 6 जून और 9 जून को मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित होने जा रहा था। नगरपालिका ने इस की तारीखें तय कर दी थी और इसकी तैयारियों में भी जुट गई थी, लेकिन आचार संहिता लागू होने की वजह से इस सम्मेलन को निरस्त कर दिया गया।
वर-वधु के पक्ष ने भी रिश्तेदारी में बांट दिए थे शादी के कार्ड
मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत आयोजित होने जा रहे सामूहिक विवाह सम्मेलन में रजिस्ट्रेशन करने वाले परिवारों ने अपने अपने रिश्तेदारों को शादी के कार्ड भी वितरित कर दिए थे। वर-वधु पक्ष की तरफ से शादी की पूरी तैयारियां भी कर ली गई थी और सभी को शादी के दिन का बेसब्री से इंतजार था, लेकिन आचार संहिता लागू होने की वजह से पूरी शादी मे ही विघ्न आ गया।
राघौगढ़ में 15 जोड़ों ने करवा लिया था रजिस्ट्रेशन
राघौगढ़ में 6 जून को आयोजित होने जा रहे विवाह सम्मेलन के लिए 15 जोड़ों ने रजिस्ट्रेशन करवा लिया था। इसके अलावा मधुसूदनगढ़ में भी कुछ जोड़ों ने रजिस्ट्रेशन करवा लिया था। नगर परिषद की तरफ से शादीशुदा जोड़ों को उपहार देने के लिए उपहार खरीदने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई थी लेकिन ऐन वक्त पर सब कुछ थम गया।
सम्मेलन निरस्त होने से बेटियों का नहीं हो सकेगा ब्याह
सामूहिक सम्मेलन में रजिस्ट्रेशन करने वाले बेटियों के माता-पिता अब अपनी बेटियों की शादी को लेकर काफी चिंतित हैं। गरीब तबके के इन माता पिता ने अपनी बेटियों के हाथ पीले करने के लिए सामर्थ्य के हिसाब से तैयारी की और सामूहिक विवाह सम्मेलन में रजिस्ट्रेशन भी कर लिया। उन्हें उम्मीद थी कि अब उनकी बेटी की शादी हो जाएगी, लेकिन नगर पालिका द्वारा विवाह सम्मेलन निरस्त किए जाने से बेटी के माता-पिता के चेहरे पर चिंता की लकीरें दिखने लगी है। अब बेटियों के माता-पिता इस सोच में डूब गए हैं कि आखिर उनकी बेटियों की शादी कैसे हो पाएगी।












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