डाउट पूछना पड़ा महंगा: अशोकनगर में टीचर ने 12वीं के छात्र को डंडे से पीटा, केस दर्ज, स्कूल से निलंबित
MP Teacher News: एक बेहद शर्मनाक और दर्दनाक घटना में अशोकनगर जिले के एक निजी स्कूल में इंग्लिश टीचर ने 12वीं के छात्र को डंडे से बेरहमी से पीट दिया, जिससे उसके सिर से खून बहने लगा।
आरोप है कि छात्र केवल अपने क्लासमेट से अंग्रेज़ी का डाउट पूछ रहा था, और इसी बात पर गुस्साए टीचर ने उसका सिर फोड़ दिया। घटना के बाद स्कूल प्रबंधन ने शिक्षक को निलंबित कर दिया, जबकि पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है।

क्या है पूरा मामला?
पीड़ित छात्र आदित्य जैन, जो अशोकनगर के वर्धमान स्कूल में कक्षा 12वीं में पढ़ता है, ने बताया कि मंगलवार दोपहर वह क्लास में अपने सहपाठी से अंग्रेजी विषय के कुछ डाउट्स क्लियर कर रहा था। इसी दौरान इंग्लिश टीचर गोविंद श्रीवास्तव क्लास में आए। उन्होंने आदित्य से उसका परिचय पूछा और फिर बिना किसी ठोस कारण के उसे बेवजह बात करने का आरोप लगाकर डंडे से मारना शुरू कर दिया।
आदित्य के अनुसार, शिक्षक ने पहले उसके पैर पर डंडे से प्रहार किया, फिर हाथ और अंत में सिर पर जोरदार वार किया, जिससे उसका सिर फट गया और खून बहने लगा। क्लास में मौजूद अन्य छात्रों ने बताया कि आदित्य रोते हुए और दर्द से कराहते हुए शिक्षक से नहीं मारने की गुहार लगाता रहा, लेकिन गोविंद श्रीवास्तव ने उसकी एक न सुनी। खून बहता देख सहपाठियों और अन्य शिक्षकों ने उसे तुरंत प्रिंसिपल कार्यालय पहुंचाया।
स्कूल और परिजनों के बयान
घटना की जानकारी मिलते ही आदित्य के पिता और जैन समाज के कुछ लोग स्कूल पहुंचे। उन्होंने स्कूल के प्रिंसिपल देवेंद्र माथुर से शिकायत की और फिर कोतवाली थाने में गोविंद श्रीवास्तव के खिलाफ FIR दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया है। कुछ सूत्रों के अनुसार, गंभीर चोट को देखते हुए धारा 325 (स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुंचाना) को भी जोड़ा जा सकता है।
आदित्य को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसके सिर में टांके लगाए गए। चिकित्सकों के अनुसार, सिर पर गंभीर चोट के कारण उसे कुछ दिन निगरानी में रखा जाएगा। आदित्य के पिता ने कहा, "मेरा बेटा सिर्फ पढ़ाई से संबंधित सवाल पूछ रहा था। शिक्षक ने इतनी बेरहमी से पिटाई की कि उसका सिर फट गया। हम चाहते हैं कि दोषी शिक्षक को कड़ी सजा मिले।"
स्कूल प्रशासन का रुख: शिक्षक निलंबित
वर्धमान स्कूल के प्रिंसिपल देवेंद्र माथुर ने घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि गोविंद श्रीवास्तव ने क्लास में पढ़ाते समय पीछे बैठे छात्रों की टिप्पणी पर गुस्सा होकर पास पड़े डंडे से आदित्य की पिटाई की। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्कूल में किसी भी छात्र को शारीरिक दंड देने की अनुमति नहीं है। घटना की गंभीरता को देखते हुए गोविंद श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
प्रिंसिपल ने यह भी बताया कि स्कूल प्रशासन ने आदित्य को अस्पताल ले जाने का प्रयास किया, लेकिन उसने अपने पिता के आने तक इंतजार करने की इच्छा जताई। स्कूल ने परिजनों को तुरंत सूचित किया और मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी है। माथुर ने कहा, "हम इस घटना से दुखी हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए शिक्षकों के लिए सख्त दिशानिर्देश लागू करेंगे।"
पुलिस कार्रवाई: आरोपी शिक्षक फरार
कोतवाली पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर गोविंद श्रीवास्तव के खिलाफ FIR दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटना के बाद से शिक्षक फरार है, और उसकी गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की गई हैं। थाना प्रभारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि गोविंद श्रीवास्तव का व्यवहार पहले भी कुछ छात्रों के साथ आक्रामक रहा है, और इसकी जांच की जा रही है। पुलिस ने स्कूल प्रशासन से घटना के समय की CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्य मांगे हैं, जो जांच में सहायक हो सकते हैं।
अब तक कहा-कहा हो चुकी है ऐसी घटनाएं
यह घटना मध्य प्रदेश में स्कूलों में शारीरिक दंड की बढ़ती समस्या को उजागर करती है। हाल के वर्षों में, देश भर में ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं, जहां शिक्षकों द्वारा छात्रों को बेरहमी से पीटा गया। उदाहरण के लिए:
- कानपुर (2022): एक निजी स्कूल की शिक्षिका ज्योति वर्मा ने कक्षा 4 की छात्रा को डस्टर और बाल खींचकर पीटा, जिसके बाद वायरल वीडियो के आधार पर केस दर्ज किया गया।
- चुरू, राजस्थान (2021): एक निजी स्कूल के शिक्षक ने होमवर्क न करने पर 13 वर्षीय छात्र की पिटाई की, जिससे उसकी मृत्यु हो गई।
- लुधियाना (2024): प्राइमरी स्कूल की शिक्षिका कमलजीत कौर ने कक्षा 5 के 12 छात्रों को डंडे से पीटा, जिसके बाद उन्हें निलंबित किया गया।
ये मामले दर्शाते हैं कि स्कूलों में शारीरिक दंड की प्रथा अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, जो राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) और शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE), 2009 के तहत गैरकानूनी है। धारा 17(1) और (2) के तहत स्कूलों में शारीरिक दंड और मानसिक उत्पीड़न को अपराध माना गया है।












Click it and Unblock the Notifications