MP News: सरेंडर करो, वरना मार दिए जाओगे, बालाघाट में CM मोहन यादव की नक्सलियों को कड़ी चेतावनी
MP News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने नक्सलियों को कड़ा संदेश देते हुए दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है: "या तो सरेंडर करो, नहीं तो मार दिए जाओगे!" बालाघाट के रानी अवंतीबाई स्टेडियम में सोमवार को आयोजित एक भव्य समारोह में सीएम ने नक्सलियों को "कायर" और "खून बहाने वाले" करार देते हुए कहा कि ऐसे लोगों को इस धरती पर जीने का हक नहीं है।
उनकी यह हुंकार न केवल मध्य प्रदेश, बल्कि पड़ोसी छत्तीसगढ़ में भी नक्सलियों के खिलाफ चल रहे अभियान को और तेज करने का संकेत देती है। इस मौके पर सीएम ने 64 पुलिसकर्मियों को आउट-ऑफ-टर्न प्रमोशन से सम्मानित किया और 8,500 नई पुलिस भर्तियों को मंजूरी दी, जिसने समारोह में जोश भर दिया।

CM Mohan Yadav: सीएम की हुंकार, "लाल सलाम वालों को जीने का हक नहीं"
बालाघाट, जो कभी नक्सलवाद का गढ़ माना जाता था, आज पुलिस की बहादुरी और सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रतीक बन चुका है। रानी अवंतीबाई स्टेडियम में क्रम-से-पूर्व पदोन्नति अलंकरण समारोह में सीएम डॉ. मोहन यादव ने नक्सलियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, "आप हमारे भोले-भाले लोगों के बीच भ्रम फैलाते हो, झूठ बोलते हो, और कायराना हरकतें करते हो। लेकिन अब समाज जाग चुका है। पुलिस बल के साथ मिलकर हम तुम्हें मुंहतोड़ जवाब देंगे।"
सीएम ने नक्सलियों को चेतावनी दी, "अन्याय करने वालों और लोगों का खून बहाने वालों को हम जीने का हक नहीं देंगे। या तो सरेंडर करो, वरना मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की सरकारें तुम्हें खत्म करने के लिए तैयार हैं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि दोनों राज्यों की सरकारें संयुक्त रूप से नक्सलवाद के खिलाफ अभियान चला रही हैं, और जहां जरूरी होगा, वहां विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
CM Mohan Yadav: बालाघाट में पुलिस की शान, 64 जवानों को सम्मान
समारोह में पुलिस जवानों ने सीएम को शानदार सलामी दी, जिसने माहौल को देशभक्ति से भर दिया। सीएम ने 19 फरवरी 2025 को बालाघाट के जंगल में चार महिला नक्सलियों के एनकाउंटर में शामिल 64 पुलिसकर्मियों को आउट-ऑफ-टर्न प्रमोशन से नवाजा। इनमें हॉक फोर्स के 62 जवान, पुलिस बल का एक जवान, और 36वीं बटालियन का एक जवान शामिल हैं। सीएम और डीजीपी कैलाश मकवाना ने जवानों की वर्दी पर स्टार लगाकर उनका हौसला बढ़ाया।
एक सम्मानित जवान ने कहा, "यह हमारे लिए गर्व का क्षण है। सीएम का यह सम्मान हमें और साहस देता है।" इस एनकाउंटर ने बालाघाट में नक्सलियों की कमर तोड़ दी थी, और पुलिस की इस कार्रवाई को पूरे देश में सराहा गया था।
8,500 पुलिस भर्तियों को मंजूरी, युवाओं में उत्साह
सीएम ने समारोह में एक और बड़ी घोषणा की, जिसने युवाओं में जोश भर दिया। उन्होंने मध्यप्रदेश पुलिस में 8,500 नई भर्तियों को मंजूरी दी, जिसकी प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। दो महीने पहले उज्जैन में सीएम ने इसकी घोषणा की थी, और अब इसे अमल में लाने का ऐलान बालाघाट की धरती से किया गया। सीएम ने कहा, "हमारी पुलिस को और मजबूत करना हमारा लक्ष्य है। युवा तैयार रहें, उनके लिए अवसर खुलने वाले हैं।"

169.19 करोड़ के विकास कार्य, बालाघाट का कायाकल्प
सीएम ने समारोह में बालाघाट के लिए 169.19 करोड़ रुपये के विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण भी किया। इनमें सड़कें, स्कूल, अस्पताल, और सामुदायिक भवन जैसी परियोजनाएं शामिल हैं। सीएम ने कहा, "बालाघाट न केवल नक्सलवाद से मुक्त हो रहा है, बल्कि यह विकास की नई ऊंचाइयों को भी छू रहा है।"
बालाघाट की जीत, नक्सल प्रभाव से मुक्ति
बालाघाट कभी देश के 12 सबसे ज्यादा नक्सल प्रभावित जिलों में शुमार था, लेकिन पुलिस की लगातार कार्रवाइयों और स्थानीय समुदाय के सहयोग से इसे इस सूची से बाहर कर लिया गया है। सीएम ने इस उपलब्धि का श्रेय पुलिस जवानों को दिया और कहा, "आपके अदम्य साहस ने बालाघाट को नई पहचान दी है। समाज के लिए काम करने वाले इन जवानों को मेरा सलाम।"
पिछले कुछ वर्षों में बालाघाट में नक्सलियों के खिलाफ कई सफल ऑपरेशन हुए हैं। 2024 में हॉक फोर्स ने 6 बड़े नक्सली कमांडरों को ढेर किया, जबकि 2025 की शुरुआत में 4 महिला नक्सलियों का एनकाउंटर इस क्षेत्र में पुलिस की मजबूत पकड़ का सबूत है। स्थानीय निवासी रामलाल ठाकुर ने कहा, "पहले जंगल में नक्सलियों का डर था, लेकिन अब पुलिस की मौजूदगी ने हमें सुरक्षित कर दिया है।"
ऑपरेशन सिंदूर की गूंज, सेना को बधाई
सीएम ने अपने संबोधन में हाल ही में हुए ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया, जिसमें भारतीय सेना ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में हमारी सेना ने सीमा पर शौर्य दिखाया। 3-4 दिन की कार्रवाई में पाकिस्तान को सबक सिखाया गया।" ऑपरेशन सिंदूर में लाहौर के पास पाकिस्तानी एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया गया था, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की ताकत का लोहा मनवाया।
सीएम ने इस मौके पर नक्सलवाद और आतंकवाद को एक ही सिक्के के दो पहलू बताया और कहा, "चाहे सीमा पर दुश्मन हों या जंगल में नक्सली, भारत अब किसी को बख्शने के मूड में नहीं है।"
नक्सलवाद का इतिहास और बालाघाट की स्थिति
बालाघाट मध्यप्रदेश का एकमात्र जिला है, जो नक्सलवाद से गंभीर रूप से प्रभावित रहा है। इसकी सीमा छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों जैसे राजनांदगांव और कांकेर से लगती है, जिसके कारण यह नक्सलियों का गलियारा बन गया था। 2000 के दशक में बालाघाट में नक्सली हमलों में दर्जनों पुलिसकर्मी और नागरिक मारे गए थे। लेकिन 2015 के बाद हॉक फोर्स और CRPF की संयुक्त कार्रवाइयों ने नक्सलियों को पीछे धकेल दिया।
2023 में बालाघाट को केंद्र सरकार ने नक्सल प्रभावित जिलों की सूची से हटा दिया, लेकिन जंगल के कुछ हिस्सों में अभी भी नक्सली सक्रिय हैं। सीएम ने कहा, "हमारा लक्ष्य नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म करना है। इसके लिए पुलिस, प्रशासन, और समाज को एकजुट होकर काम करना होगा।"
सीएम की इस चेतावनी और समारोह ने कई सवाल और चुनौतियां सामने लाए हैं:
- नक्सलियों का सरेंडर: क्या सीएम की चेतावनी से नक्सली सरेंडर करेंगे, या जंगल में और हिंसा बढ़ेगी?
- पुलिस भर्ती: 8,500 नई भर्तियों की प्रक्रिया कितनी पारदर्शी और तेज होगी?
- विकास: क्या बालाघाट के जंगल क्षेत्रों में शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएंगे?
- सुरक्षा: छत्तीसगढ़ सीमा पर नक्सली गतिविधियों को रोकने के लिए क्या अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे?












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