MP News: सौरभ शर्मा की पत्नी ने गरबा के लिए खरीदा था 14 लाख का लहंगा, ED की सर्चिंग, होंगे चौंकाने वाले खुलास
MP News: परिवहन विभाग के पूर्व कांस्टेबल सौरभ शर्मा के खिलाफ चल रही जांच के दौरान एक दिलचस्प खुलासा हुआ है, जिसने जांच एजेंसियों को चौंका दिया है। इस खुलासे के तहत सौरभ शर्मा की पत्नी, दिव्या शर्मा का नाम सामने आया है।
आयकर विभाग द्वारा किए गए जांच में यह पता चला कि दिव्या शर्मा ने इस साल नवरात्रि के पहले अहमदाबाद से करीब 14 लाख रुपये का महंगा लहंगा और चुनरी खरीदी थी। यह जानकारी सौरभ के करीबी सहयोगी चेतन सिंह गौर ने पूछताछ में दी। इसके बाद से आयकर विभाग की ओर से दिव्या को नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही है और जल्द ही उनसे पूछताछ की संभावना है।

सौरभ शर्मा और उनके सहयोगियों के खिलाफ ईडी की कार्रवाई अभी भी जारी है, और इस बार एजेंसी का फोकस उन ठिकानों पर है, जो लोकायुक्त की नजरों से बचकर रह गए थे। ग्वालियर में हुई कार्रवाई के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों को बरामद किया गया है। बताया जा रहा है कि सौरभ के ग्वालियर स्थित घर में ईडी की टीम ने गार्ड और नौकरों को जगा कर ताला तोड़ा और घर की तलाशी ली। शुक्रवार को देर शाम तक चली इस कार्रवाई में 14 घंटे तक दस्तावेजों की जप्ती की गई और बैंक लॉकर और खातों को सील कर दिया गया।

ग्वालियर में मिले महत्वपूर्ण दस्तावेज और काले धन के राज
ग्वालियर में सौरभ शर्मा के घर से एक 66 पन्नों की हरी डायरी, बैंक लॉकर और काले धन से संबंधित संपत्तियों के दस्तावेज बरामद हुए हैं, जो काले धन के राज से पर्दा उठा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, यह डायरी सौरभ की काली कमाई का पूरा लेखा-जोखा रखे हुए थी और इसमें कई अन्य आरोपी व्यक्तियों के नाम भी दर्ज थे। इसके साथ ही, दस्तावेजों में सौरभ की अन्य संपत्तियों के बारे में भी जानकारी मिली है।
ग्वालियर के विनय नगर सेक्टर 2 स्थित मकान नंबर 47 में सौरभ शर्मा की कोठी से यह गोपनीय डायरी बरामद की गई। इस दौरान ईडी ने तीन बैगों में दस्तावेजों को जप्त किया और अपने साथ ले गए। इस कार्रवाई के बाद, चेतन गौर की निशानदेही पर ईडी की टीम ने उसके घर पर भी छापेमारी की, जहां से भी कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए।
सौरभ शर्मा की काले धन से जुड़ी गतिविधियां और उसके सहयोगी
सौरभ शर्मा ने वर्ष 2012 में ओमेगा रियलकॉन प्राइवेट लिमिटेड नाम की एक कंपनी रजिस्टर्ड कराई थी। इस कंपनी में सौरभ के करीबी सहयोगी चेतन गौर और शरद जायसवाल को डायरेक्टर नियुक्त किया गया था, जबकि रोहित तिवारी को अतिरिक्त डायरेक्टर बनाया गया था। इस कंपनी का मुख्य उद्देश्य काले धन को वैध बनाना और संपत्तियां अर्जित करना था।
ईडी की जांच में यह सामने आया है कि सौरभ शर्मा और उनके सहयोगियों ने काले धन का इस्तेमाल करके संपत्तियां बनाईं और यह गोरखधंधा न केवल ग्वालियर, बल्कि अन्य शहरों में भी फैला हुआ था।
सौरभ शर्मा और उसका नेटवर्क
सौरभ शर्मा का नेटवर्क व्यापक है, और यह पूरी जांच अब केवल उसकी और उसके सहयोगियों की संपत्तियों तक ही सीमित नहीं रह गई है। अब आयकर विभाग और ईडी की निगाहें सौरभ के परिवार के अन्य सदस्यों, विशेषकर उसकी पत्नी दिव्या शर्मा पर भी हैं। दिव्या शर्मा के महंगे खरीदारी के दस्तावेज और सौरभ की काली कमाई के स्रोतों का खुलासा इस मामले को और भी जटिल बना रहा है।
इस बीच, ग्वालियर में चल रही कार्रवाई के बाद ईडी ने सौरभ शर्मा के खिलाफ एक और बड़ी शिकंजा कसने की योजना बनाई है, ताकि काले धन के इस नेटवर्क का पूरी तरह से पर्दाफाश किया जा सके।












Click it and Unblock the Notifications