क्रूरता की इंतहा: दोनों जुड़वां भाइयों को पहले जंजीर से बांधा, फिर एक और पत्थर बांधकर नदी में फेंक दिया
Satan News, सतना। पहले फिल्मी स्टाइल में अपहरण, फिर 11 दिन तक हैवानियत और अंत में क्रूरता की इंतहा। चित्रकूट के बहुचर्चित बच्चा अपहरण कांड (Satna Child Kidnap case) ने हर किसी को झकझोर दिया।

दो जुड़वां भाइयों की एक साथ अंतिम विदाई ने सबकी आंखें नम कर दी और दिलों में गुस्सा भर दिया, क्योंकि आरोपियों ने बच्चों के अपहरण से लेकर उनकी हत्या किए जाने की तक पूरी वारदात को जिस खौफनाक तरीके से अंजाम दिया, वो तरीका रूह कंपा देने वाला है।
यहां देखें अपहरण का लाइव वीडियो
दरअसल, मध्यप्रदेश के सतना जिले के तेल व्यवसायी ब्रजेश रावत के जुड़वां बेटे प्रियांश और श्रेयांश चित्रकूट के सद्गुरु सेवा ट्रस्ट एसपीएस स्कूल में पढ़ते थे। 12 फरवरी की दोपहर को बाइक पर सवार होकर आए बदमाशों ने पिस्टल की नोक पर दोनों का अपहरण करके ले गए थे। शनिवार रात को उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की यमुना नदी में बबेरू घाट से दोनों के शव बरामद हुए हैं।

दोनों भाइयों को जंजीरों से बांधा
नदी से प्रियांश व श्रेयाश के शव बरामद होने के बाद मध्यप्रदेश DGP वीके सिंह बताया कि मामला बेहद संगीन है। यह केस फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा ताकि वारदात को अंजाम देने वालों को जल्द से जल्द फांसी की सजा दिलवाई जा सके। वहीं पुलिस का यह भी कहना है कि यूपी के बांदा जिले के मरका घाट में मंदिर के पास दोनों भाइयों को आरोपियों ने पहले जंजीर से बांधा। इसके बाद एक और जंजीर से इनके शरीर के साथ पत्थर बांधकर दोनों को घाट के नीचे फेंक दिया। नदी में दो बच्चों को शव पड़े देख लोगों ने पुलिस को सूचना दी थी।

फिरौती के बीस लाख लेकर भी मार दिया
रीवा रेंज के आईजी चंचल शेखर ने बताया कि 12 फरवरी को दोनों बच्चों का अपहरण करने के बाद आरोपियों ने 13 फरवरी को इनके पिता ब्रजेश रावत से बच्चों की सलामती के लिए दो करोड़ रुपए की फिरौती मांगी थी। पीड़ित परिवार ने आरोपियों को बतौर फिरौती 20 की रकम दे भी दी थी, मगर इसके बाद उन्होंने बच्चों को जिंदा नहीं छोड़ा। पानी में डुबोकर मार दिया। पुलिस ने दोनों के शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए। रविवार शाम को दोनों को एक साथ एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया।

इन्होंने दिया वारदात को अंजाम
चित्रकूट के दो बच्चों के अपरहण व उनकी हत्या किए जाने की वारदात को आधा दर्जन से अधिक बदमाशों ने अंजाम दिया है। इनमें पदम शुक्ला पुत्र राम करण शुक्ला, जानकीकुंड रघुवीर मंदिर के सामने नयागांव चित्रकूट सतना, राजू द्विवेदी पुत्र राकेश कुमार द्विवेदी निवासी भभुआ बबेरू बांदा, लकी सिंह पुत्र सतेंद्र सिंह तोमर निवासी ग्राम तेदुरा बिसंडा बांदा, विक्रम जीत सिंह पुत्र प्रहलाद सिंह बहिलपुर बिहार, रामकेश यादव पुते राम जहरन यादव निवासी छेरा बांदा, पिंटू उर्फ पिंटा पुत्र रामस्वरूप यादव निवासी गुरदहा हमीरपुर यूपी शामिल है। पुलिन इन आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया है।

चित्रकूट में धारा 144 लागू
दो बच्चों का स्कूल बस से दिनदहाड़े अपहरण हो जाने के बाद से लोगों में कानून व्यवस्था को लेकर आक्रोश था, मगर 11 दिन बाद दोनों के शव बरामद होने पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। रविवार को लोग कानून व्यवस्था के विरोध में जगह-जगह सड़कों पर उतर आए। टायर जलाकर प्रदर्शन भी किया। कानून व्यवस्था बिगड़ती देख प्रशासन ने चित्रकूट में धारा 144 लगा दी। सोमवार को भी चित्रकूट के बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। लोगों ने दुकानें नहीं खोली।












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