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MP: बुंदेलखंड में कमलनाथ को बड़ा झटका, पूर्व विधायक अरुणोदय चौबे ने दिया इस्तीफा, छोड़ा साथ

सागर, 16 सितंबर। मप्र में कांग्रेस और कमलनाथ को बड़ा झटका लगा है। सागर जिले की खुरई से पूर्व विधायक रहे व कमलनाथ के कट्टर समर्थक माने जाने वाले अरुणोदय चौबे ने पार्टी के सभी पदों व प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। खुरई में पार्टी कार्यकर्ताओं पर थोपे गए झूठे पुलिस प्रकरण, उन्हें जेल भेजने, खुद चौबे पर आपराधिक प्रकरण दर्ज होने जैसे मामलों में पार्टी ने कहीं भी किसी भी स्तर पर उन्हें कोई सपोर्ट नहीं किया। कहीं से कोई सपोर्ट, समर्थन व सहयोग न मिलने के कारण उन्होंने यह कदम उठाया है।

अरुणोदय चौबे and कमलनाथ

मप्र कांग्रेस कमेटी के प्रदेश उपाध्यक्ष, पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ के बेहद करीबी पूर्व विधायक अरुणोदय चौबे ने भी कांग्रेस छोड़ दी है। उन्होंने पार्टी के सभी पदों से भी इस्तीफा दे दिया है। वे प्रदेश उपाध्यक्ष के साथ ही टीकमगढ़ जिले के प्रभारी व पीपीसी सदस्य थे। कमलनाथ को भेजे इस्तीफे में चौबे ने कहा है कि वे पार्टी की लगातार तीन दशकों से सेवा करते आ रहे हैं। जब-जो जिम्मेदारी दी गई, उसको शिरोधार्य कर निभाया] लेकिन उनके गृहनगर खुरई विधानसभा में बीते दिनों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ जो बर्ताव हुआ, उससे मैं व खुरई विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ता दुखी हैं। अतः कार्यकर्ताओं की राय और मत के साथ चलते हुए पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे रहा हूं।

भूपेंद्र सिंह को हराकर विधायक बने थे अरुणोदय चौबे
सागर जिले की खुरई विधानसभा सीट बीते दो दशकों से राजनीतिक पटल पर सुर्खियों में रही है। यहां साल 2008 में अरुणोदय चौबे ने भूपेंद्र सिंह को हराकर विधानसभा में कदम रखा था। चौबे खुरई सहित बुंदेलखंड की कई सीटों पर खासा दखल रखते रहे हैं। वे शुरु से ही कमलनाथ के करीबी माने जाते रहे हैं और बुंदेलखंड में कमलनाथ कैंप की अगुवाई करते आ रहे हैं। बुंदेलखंड में किसी भी विषय पर चौबे से सलाह मशविरा करे, कमलनाथ कोई निर्णय नहीं लेते थे, ऐसा कांग्रेस हलकों में माना जाता है। हालांकि साल 2013 और 2018 वे भूपेंद्र सिंह से चुनाव हार गए थे। बीच में अरुणोदय चौबे व उनके परिवार व समर्थकों पर हत्या और हत्या के प्रयास जैसे प्रकरणों बनाए गए थे। जिसमें उन्हें जेल तक जाना पड़ा था। बीते दिनों खुरई में नव निर्मित सेल्फी प्वाइंट को तोड़े जाने के मामले में उन पर धारा 307 का प्रकरण दर्ज हुआ था, जिसमें वे फरार चल रहे थे। उनका कहना है कि उनपर व कार्यकर्ताओं पर बनाए जा रहे झूठे प्रकरणों को लेकर कांग्रेस ने कभी साथ नहीं दिया। न जिला इकाई, न प्रदेश इकाई से कोई नेता, पार्टी पदाधिकारी खुरई आया, कभी सपोर्ट नहीं मिला, जबकि यह हमारी व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है।

भूपेंद्र सिंह ने भाजपा में आने का न्यौता भी दिया था
खुरई में नगर पालिका चुनाव प्रचार के बीच एक सार्वजनिक मंच से प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह ने खुरई में कांग्रेस के नेता विहीन होने और अरुणोदय चौबे को भाजपा में आने का निमंत्रण दिया था। इसके पहले भी निकाय चुनाव के दौरान कुछ महीनों पहले पूर्व विधायक अरुणोदय चौबे के भाजपा हाईकमान से मीटिंग कराए जाने की चर्चाएं भी चलती रही हैं। निगम चुनाव में सागर आए कमलनाथ ने चौबे के भाजपा में जाने के सवाल पर कहा था कि वे कहीं नहीं जाने वाले, अरुणोदय चौबे से उनकी दो-चार दिन में बात होती रहती है।

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